Transcript
[0:00] जा रही है बहन प्राप्ति एवं ग्रुप। उस
[0:04] ग्रुप का हम जोरदार तालियों से
[0:09] [प्रशंसा]
[0:10] स्वागत करें।
[0:20] स्वागत स्वीकार करने के लिए
[0:24] थोड़ा सा ठहरना पड़ता है।
[0:28] थोड़ा सा थाम कर चलना पड़ता है। क्योंकि
[0:32] यह टैलेंटेड
[0:35] इन्हें आप सबके स्वागत के लिए इतने समय से
[0:40] आतुरता है और बहुत खुशी-खुशी
[0:44] अपने मन के भाव आप सभी के बीच प्रस्तुत
[0:49] करने के लिए काफी समय से वह तैयारियां कर
[0:53] रहे हैं। और देखो छमम छमम की आवाज लिए
[0:58] थिरकन की आवाज लिए वह ग्रुप हमारे बीच
[1:02] पहुंच रहा है और उनकी छमम छमम की आवाज कह
[1:05] रही है एक बार छमम छमम तालियां तो हो जाए।
[1:17] [संगीत]
[1:24] [संगीत]
[1:43] [संगीत]
[1:46] ओम
[1:49] [संगीत]
[2:06] [संगीत]
[2:11] [संगीत]
[2:18] [संगीत]
[2:31] [संगीत]
[2:37] [संगीत]
[2:46] [संगीत]
[2:54] हे सोने [संगीत] उड़ा
[2:58] सूरजियों
[3:00] [गाना गाने की आवाज़]
[3:02] और चारों मेरे हुई झिल मिलाट
[3:07] [गाना गाने की आवाज़]
[3:10] आया मारा पावड़ा
[3:16] [गाना गाने की आवाज़]
[3:18] के स्वागत करा
[3:26] [संगीत]
[3:32] [संगीत] सजली राह [गाना गाने की आवाज़]
[3:34] मंगल गावे मन उपजी फुलवारी रे साजे गाजे
[3:38] बाजे गूंजे सपनोरी ये गिरारी [संगीत]
[3:41] रेन पवन अभिनंदन [गाना गाने की आवाज़]
[3:44] करता
[3:46] है शक्कर खास
[3:49] की है तैयारी रे मन हर धन धन सुखो जी रे
[3:57] आयो रे शुभ दिन
[4:07] आयो [संगीत] रे शुभ दिन आया
[4:12] [संगीत]
[4:17] रे शुभ दिन आयो [संगीत]
[4:23] शुभ दिन आयो मरने आयो [संगीत]
[4:27] आयो शुभ दिन आयो मरने आयो
[4:32] आयो पे मुस्कान गुलाबी आयो
[4:37] पे मुस्कान
[4:40] रे आयो रे शुभ दिन आयो [संगीत] रे
[4:49] [संगीत]
[4:51] आयो रे शुभ दिन आयो रे
[5:00] आयो रे शुभ दिन आयो रे [संगीत]
[5:12] आयो रे शुभ दिन आयो
[5:21] आयो रे शुभ दिन आयो
[5:41] शुभ दिन आयोल
[5:43] शुभ दिन आयो शुभ दिन आयो शुभ शुभ दिन आयो
[5:49] शुभ दिन आयो रंगो शुभ शुभ दिन आयो फूल
[5:52] सजाओ शुभ दिन आयो मनाओ
[5:56] शुभ दिन आयो शुभ दिन आयो दिन
[6:00] शुभ दिन आयो शुभ दिन आयो शुभ दिन आयो
[6:04] शुभ दिन आया शुभ दिन आया शुभ दिन आया शुभ
[6:07] दिन आया शुभ दिन आया शुभ दिन आया शुभ दिन
[6:11] आया
[6:14] शुभ दिन आया
[6:22] तालियां थोड़ी कम लग रही थी
[6:26] जितने बैठे उतनी तो होनी चाहिए
[6:31] तो बहुत-बहुत थैंक्स
[6:33] इतना प्यारा स्वागत नृत्य और शुभ दिन आयो
[6:38] शुभ दिन आयो कह कर गई है प्राप्ति बहन
[6:40] ग्रुप बहुत-बहुत शुक्रिया
[6:44] मनमोहक मुरली की तान सुनी
[6:48] भिरकते कदमों की आवाज सुनी
[6:52] पर कहां अभी तक भाई चांद बजाज हरीश मोयल
[6:56] के दिल की आवाज सुनी
[7:01] तो गीत संगीत की रिमझिम करने
[7:06] हमारे सामने आ रहे हैं
[7:09] सिंगर
[7:11] म्यूजिक डायरेक्टर
[7:13] 50 से भी अधिक जिनके सॉन्ग्स रिलीज हो
[7:18] चुके हैं।
[7:20] दिल्ली ओआरसी में समर्पित रूप से स्वर
[7:24] मंजरी म्यूजिक स्टूडियो में अपनी सेवाएं
[7:28] दे रहे
[7:30] भाई चांद बजाज
[7:38] जोरदार तालियों से चांद भाई का हम स्वागत
[7:43] करते हैं।
[7:46] मैं सोच रही थी यह चांद कहां से निकला?
[7:50] पर यह भाई चांद तो दिल्ली से निकला और
[7:54] दिल्ली से निकल कर आज मुंबई पहुंचा
[7:57] तो एक बार जोरदार तालियां
[8:02] और बाबा और ईश्वरीय परिवार की शान हरीश
[8:07] भाई आप हो कितने महान आप हो कितने महान
[8:11] हजारों गीतों से सभी का मन मोह लेते हैं।
[8:15] ऐसे हरीश भाई को भी मैं मंच पर आमंत्रित
[8:17] करती हूं।
[8:20] जैसे जुगलबंदी होती है ना ऐसी जुगल जोड़ी
[8:23] है। यह जहां जाते साथ जाते हैं और सबको
[8:27] रिझाते हैं। सबका मन बहलाते हैं। तो इनके
[8:31] गीतों में छिपे हैं जज्बातों के सैलाब। कि
[8:35] इनके गीतों में छिपे हैं जज्बातों के
[8:38] सैलाब। हर सुर में बसी है दिल की किताब।
[8:42] हर सुर में बसी है इनके दिल की किताब। कुछ
[8:45] गाएंगे, कुछ गुनगुनाएंगे। और भावनाओं के
[8:49] सिरों में पिरोकर आज तो रूहानी महफिल
[8:52] सजाएंगे। आज तो रूहानी महफिल सजाएंगे। तो
[8:57] बहुत-बहुत स्वागत स्वागत स्वागत करते हैं
[9:01] दोनों हमारे भाइयों का तो हो जाए।
[9:06] पर उसके पहले कुछ हो जाए।
[9:10] और स्वागत में कुछ गुलदस्ता तो हो जाए। तो
[9:14] मैं बहनों से अनुरोध करती हूं दोनों
[9:17] भाइयों का जो सदा फूल की तरह खिले रहते
[9:20] हैं, मुस्कुराते हैं और मुस्कुराना सिखाते
[9:23] हैं। ऐसे भाइयों का गुलदस्ते से स्वागत
[9:26] करने आ रही हैं श्रेया बहन।
[9:47] और अब
[9:49] यह है जुगल जोड़ी
[9:52] जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण दोनों भाइयों ने
[9:54] यहां दिखाया और अब मैं मंच माइक सौंपती
[9:58] हूं चांद भाई को हरीश भाई को
[10:06] तो चांद भाई आज हमारे बीच मुंबई में है।
[10:09] ओआरसी का चांद हमारे मुंबई में खिल गया है
[10:12] आके। सो पाजी मैं ना जितनी भी जगह हम जा
[10:16] रहे हैं स्वागत मैं ही करता हूं। आज दीदी
[10:17] ने कर दिया। तो दो लाइन मैं चांद भाई की
[10:20] गाने की उनके स्वागत में। खातिर हमारी दूर
[10:25] से चल के जो आप आए सब ताली से करें। खातिर
[10:31] हमारी दूर से चल के जो आप आए है धन्यवाद
[10:36] आपका
[10:39] है धन्यवाद आपका जो गीत सभी गाए है
[10:44] धन्यवाद आपका जो आप यहां आए
[10:52] है धन्यवाद बाबा का जो मुझे यहां लाए
[10:59] [प्रशंसा]
[11:00] करण करावनहार तो वही है जो एक शक्ति हम
[11:04] सबको चला रही है।
[11:11] [चीखने की आवाज़]
[11:20] चेक हेलो हेलो
[11:28] ओम शांति
[11:30] ओम शांति
[11:32] ओम शांति
[11:34] ओम शांति
[11:35] ओम शांति
[11:37] ओम शांति
[11:39] तो आखिरकार वो दिन आया कि आया
[11:43] बोरेली के इस बाबा बाबा के इस सबसे पहले
[11:47] सेवा स्थान
[11:50] के दोबारा
[11:52] होने जा रहे इस भव्य उद्घाटन में मैं भी
[11:55] आप सबके बीच शामिल हुआ हूं तो इसलिए मेरा
[11:58] भी परम सौभाग्य है और आप सबको भी
[12:00] बहुत-बहुत बधाई हो। बहुत-बहुत बधाई।
[12:06] दिल्ली ओआरसी से आना हुआ है। तो दिल्ली
[12:10] राजधानी की भी आप सब की सभी को दिल्ली
[12:13] राजधानी की तरफ से भी बहुत-बहुत मुबारक और
[12:15] हमारे आदरणीय आशा दीदी जी की तरफ से भी
[12:18] बहुत-बहुत शुभकामनाएं आप सभी को। तो आज का
[12:22] यह पल जो यह दिन है निरंतर हम जब ऐसे
[12:26] खुशियों के मौके में शामिल होते हैं। इतना
[12:29] सुंदर ब्राह्मण परिवार सजा है। सतयुगी
[12:31] दरबार सजा है। तो हम हमारे मन में सिर्फ
[12:34] एक ही भाव जो परमात्मा के प्रति रहता है।
[12:38] वह क्या है? आप सब बताएंगे।
[12:41] जो एक भाव निरंतर हमारे मन में बाबा के
[12:45] प्रति रहता है। जब हम ऐसे शुभ मौके पर
[12:49] मिलते हैं और जब
[12:51] हमें वह सत्य पहचान होती है परमात्मा की
[12:53] तो वह एक भाव है शुक्रिया का क्या भाव है
[12:58] सबका है ना तो सबके मुख से नहीं निकल रहा
[13:01] लेकिन क्या भाव है
[13:04] शुक्रिया बाबा तो आइए
[13:07] आज का यही मोमेंट है बाबा का सबसे पहले
[13:10] शुक्रिया अदा करने का तो सबसे पहले
[13:12] शुक्रिया के गीत के साथ शुरुआत करते हैं
[13:15] आइए
[13:37] [संगीत]
[13:41] बनके मुसाफिर [गाना गाने की आवाज़]
[13:45] चलता रहा।
[13:48] तेरी [गाना गाने की आवाज़][संगीत] पनाहों
[13:50] में पलता रहा।
[13:54] [संगीत] बनके मुसाफिर
[13:56] [गाना गाने की आवाज़]
[13:58] चलता रहा।
[14:01] तेरी [गाना गाने की आवाज़][संगीत] पनाहों
[14:03] में पलता रहा। कुछ भी मांगने
[14:08] [गाना गाने की आवाज़]
[14:08] से पहले दिया [संगीत]
[14:11] है।
[14:12] जबकि हमने कुछ ऐसा ना किया है। [संगीत]
[14:20] हां [गाना गाने की आवाज़]
[14:26] बाबा
[14:29] [गाना गाने की आवाज़]
[14:30] [संगीत] तेरा शुक्रिया
[14:33] [गाना गाने की आवाज़] करता रहूं मैं तेरा
[14:36] [संगीत]
[14:37] शुक्रिया
[14:39] बाबा [गाना गाने की आवाज़]
[14:43] तेरा शुक्रिया
[14:46] करता रहूं मैं [संगीत] तेरा
[14:50] [गाना गाने की आवाज़]
[14:50] शुक्रिया
[14:56] [संगीत]
[15:06] और बाबा
[15:08] हर सपना हमारा सजाया है।
[15:11] [गाना गाने की आवाज़]
[15:14] तेरी वजह से ये दिन आया है।
[15:18] [गाना गाने की आवाज़]
[15:21] तू यूं ही रहना साथ
[15:24] [गाना गाने की आवाज़][संगीत] मेरे।
[15:27] हम कुछ भी नहीं [संगीत] हैं
[15:29] [गाना गाने की आवाज़] बिन तेरे
[15:34] हम तो जब भी तेरे [गाना गाने की आवाज़]
[15:37] पास है आए [संगीत]
[15:40] राज [गाना गाने की आवाज़]
[15:41] तूने काम अभी के [संगीत] बताए
[15:46] सभी मिलके गाएंगे मेरे साथ क्या कहना है
[15:51] बाबा
[15:54] तेरा शुक्रिया [संगीत]
[15:58] करता रहूं मैं [संगीत]
[16:00] तेरा शुक्रिया
[16:04] बाबा [संगीत]
[16:07] तेरा शुक्रिया
[16:11] करता रहूं [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[16:12] मैं तेरा शुक्रिया
[16:29] तू मेरा सुर और साज [संगीत] प्रभु मेरे
[16:33] गीतों [गाना गाने की आवाज़]
[16:34] का अंदाज प्रभु तू नगमा वो जो [संगीत]
[16:38] मुझे पसंद तुझे गाता रहूं यूं ही मंदमंद
[16:42] तुझे गाता रहूं यूं ही मंदमंद मेरे संग
[16:46] में तेरी दुआएं
[16:47] [संगीत][गाना गाने की आवाज़] खड़ी तेरी
[16:49] रहमत है सौगात बड़ी मेरी खुशियों का
[16:53] [संगीत] अंबार है तू मेरी विजय का सच्चा
[16:57] हार है तू मेरी विजय काहार
[17:01] है तू सुंदर परिवार [संगीत] का साया है ये
[17:05] तुझसे ही मैंने पाया है मैं इसकी क्या
[17:10] [संगीत] तारीफ करूं देवों के नगर
[17:13] [गाना गाने की आवाज़] से आया है देवों के
[17:16] नगर से आया है [गाना गाने की आवाज़] तूने
[17:19] ही हमें ने सद्ञान [संगीत] दिया। सबसे
[17:22] ऊंचा [गाना गाने की आवाज़]
[17:23] सम्मान दिया। तुझे क्या दे मन ये सोच रहा
[17:27] [संगीत] बस तेरे है इस दिल ने कहा।
[17:34] बाबा
[17:37] शुक्रिया
[17:39] शुक्रिया
[17:40] [गाना गाने की आवाज़][संगीत] बाबा तेरा
[17:42] शुक्रिया
[17:44] शुक्रिया
[17:45] शुक्रिया [गाना गाने की आवाज़]
[17:47] बाबा [संगीत] तेरा सभी मिलके गाइए
[17:50] शुक्रिया
[17:52] शुक्रिया
[17:53] बाबा तेरा शुक्रिया
[17:57] शुक्रिया
[17:58] शुक्रिया
[18:00] बाबा तेरा शुक्रिया
[18:03] [संगीत]
[18:03] शुक्रिया
[18:05] शुक्रिया
[18:06] बाबा तेरा शुक्रिया [संगीत]
[18:10] शुक्रिया
[18:11] शुक्रिया
[18:13] बाबा [संगीत] तेरा [गाना गाने की आवाज़]
[18:14] शुक्रिया
[18:16] शुक्रिया शुक्रिया
[18:23] शुक्रिया
[18:30] शुक्रिया
[18:32] [गाना गाने की आवाज़]
[18:33] [संगीत]
[18:36] शुक्रिया
[18:40] शुक्रिया
[18:50] शुक्रिया बाबा शुक्रिया ओम शांति
[19:02] तो यह सेवा स्थान
[19:06] जो पुनः
[19:08] मेरे ख्याल से 43
[19:12] 46 वर्षों के बाद फिर से भव्य उद्घाटन हो
[19:16] रहा है और पिछले पांच दिन से हम लोग यहां
[19:20] पर हैं और सबसे पहले तो हमें 20 तारीख के
[19:24] लिए दिव्या दीदी जी ने बुलाया था लेकिन
[19:27] बाबा ने उनको संकल्प दिया। फिर उन्होंने
[19:29] पांच दिन हमारे प्रोग्राम्स रखे। तो हम 16
[19:32] तारीख से यहां पर हैं और हमें भी मौका
[19:34] मिला सब भाई बहनों से मिलने का और सब सेवा
[19:38] स्थान
[19:39] में जाने का और वहां के एक-एक अनुभव सुन
[19:42] के बस मन से यही निकल निकल रहा था कि
[19:45] वंडरफुल क्या वंडर है बाबा का। कैसे-कैसे
[19:49] एक-एक सेवा स्थान बाबा ने दीदियों के
[19:52] संकल्पों के द्वारा और साथ ही दीदियों के
[19:56] तो संकल्प हैं क्योंकि वह निमित्त मात्र
[19:58] हैं। बाबा ने अपनी गद्दी उनको सौंपी है।
[20:01] साथ में उन भाई बहनों से भी मिलने का मौका
[20:03] मिला। जैसे आप सभी यहां बैठे हैं जिनके
[20:06] सहयोग से बाबा का यह कार्य चल रहा है। तो
[20:10] इसलिए एक बार अपने लिए जोरदार ताली बजाइए
[20:14] क्योंकि आप भी उतने ही बधाई के पात्र हैं
[20:17] जो सब आप यहां भाई बहन यहां एकत्रित हुए
[20:20] हैं। एक-एक के अनुभव और एक-एक सेवा स्थान
[20:24] जो आप सबके सहयोग से बना है। हम भी उस
[20:28] सेवा स्थान में जाके
[20:31] हमें भी उन अनुभवों को सुनने का मौका
[20:33] मिला। तो अब ये जो नया स्थान बना है
[20:37] क्योंकि दोबारा जन्म हुआ है इस स्थान का
[20:39] तो अब सेवा भी बहुत बढ़नी है और नई-नई
[20:43] आत्माओं का भी आना आज से बहुत आत्माओं का
[20:46] आना शुरू हो जाएगा। तो सेवा का यह उमंग
[20:49] उत्साह हम सबके बीच बहुत सुंदर सेवा का
[20:51] गीत भी गाएंगे और मैं जिस सेंटर पर भी गया
[20:53] हूं यह सेवा का गीत वहां पर सब भाई बहनों
[20:56] ने इस गीत को जरूर याद किया है कि हम चाहे
[20:59] भोजन बना रहे हैं चाहे
[21:02] बाबा की यात्रा लेकर जा रहे हैं। जगह-जगह
[21:06] गली-गली जा रहे हैं तो हम ये गीत जरूर
[21:08] चलाते हैं। तो आइए वही उमंग उत्साह हमारा
[21:11] बरकरार रहे। इसलिए यह सेवा का गीत हम सब
[21:14] सुनते हैं और मिलकर सबको गाना है मेरे
[21:17] साथ। यह गीत भी ऐसा बाबा ने टच किया था कि
[21:20] यह सेवा का जो शब्द है यह बार-बार इस गीत
[21:23] में आता रहता है ताकि उमंग उत्साह और सब
[21:26] इसको गाते भी रहें। तो आप सबको सेवा सेवा
[21:29] कहना है और मैं उसकी लाइनें गाऊंगा। ठीक
[21:32] है? आप सब तैयार हैं? कौन-कौन तैयार है?
[21:35] सब तैयार है ना? हां क्योंकि सबको अभी यह
[21:38] अंतिम समय है, अंतिम घड़ियां है संगम युग
[21:40] की। तो हमें बहुत उमंग उत्साह से बाबा को
[21:44] प्रत्यक्ष करना है। तो यह सेवा का गीत हम
[21:48] सब सुनते हैं।
[21:56] के भाव हो कुछ करने का तो अफसर खुद आते
[22:00] हैं। के भाव हो कुछ करने का तो अफसर खुद
[22:04] आते हैं और जो करते खूब सेवा वो भाग्यशाली
[22:09] कहलाते हैं। वो भाग्यशाली कहलाते हैं। तो
[22:12] हम सब अपने भाग्य के लिए जोरदार ताली
[22:14] बजाएं।
[22:25] ये जो सेवा के शब्द आप सुन रहे हैं ये
[22:28] कंटिन्यू चलते रहेंगे। तो हमें ताली बजा
[22:30] के इसको साथ साथ गाना है। क्या कहना है?
[22:35] सेवा एक नेक कर्म है। सेवा हम सबका धर्म
[22:40] है। सेवा बड़े शान से करिए सेवा कर्मों
[22:44] में परम है। सेवा एक नेक कर्म है सेवा हम
[22:49] सबका धर्म है
[22:51] शान से करिए।
[22:54] कर्मों में परम है
[22:56] सच्ची पूजा
[22:58] सा कोई ना दूजा
[23:01] झुकना सिखाती
[23:04] सम्मान दिलाती मां परमार्थ से करिए
[23:09] निस्वार्थ से करिए
[23:11] आलस कोए मां मन को बहलाए
[23:21] शुभ भाव जगाकर मां हमें बनाए
[23:29] सेवा कहते हमें सासे
[23:35] कोई वक्त
[23:38] सदा हाथ उठा के ताली बजाना सेवा जो मौका
[23:42] है वो कल नहीं होगा
[23:48] जो कार्य करना है कर
[23:53] लो
[23:58] पहुंच चुके हैं एक बार जोरदार तालियां
[24:00] खड़े होकर के हम बजाएंगे
[24:03] कई भाग्य बना रहे कई इंतजार में है करना
[24:09] ना करना तो तेरे विचार में है सभी तैयार
[24:13] है दोबारा से क्या कहेंगे
[24:16] सेवा हम सबको बनाए सेवा इंतजार में है मां
[24:22] अर्पण है कराती मां दर्पण दिखलाती मां
[24:27] तुझे नर्म बनाए मां ओ तेरा रहम मिटाए मां
[24:32] एक ऐसी दवा है जो रोग मिटाती
[24:37] एक ऐसी दवा है जो रोग मिटाती
[24:42] दुख दर्द भुलाकर
[24:45] हमें बनाए
[24:50] दो से कर लो है कितने
[24:55] कोई पकड़ लो
[24:59] सेवा
[25:01] सेवा
[25:04] सेवा
[25:07] के सही कहा है बड़ों ने हमारे संतोष दीदी
[25:10] जी दिव्या दीदी जी पहुंचे हैं इन्होंने
[25:12] क्या कहा है सही कहा है बड़ों नेकी कर
[25:16] दरिया में डालो और करे कोई तारीफ तो उसको
[25:22] तुम चुपचाप संभालो उसको तुम चुपचाप संभालो
[25:27] ऐसी शिक्षाएं हमारे बड़ों ने दी है एक बार
[25:29] जोरदार तालियां
[25:30] हमारे बड़ों के लिए
[25:34] सेवा
[25:35] एहसान नहीं है
[25:37] सेवा अभिमान नहीं है सेवा [संगीत] कर्तव्य
[25:41] है अपना
[25:43] हां फर्ज है अपना
[25:44] कई भाग्य बना रहे कई इंतजार में है करना
[25:50] ना करना तो तेरे विचार में है
[25:58] आजाद है
[26:00] मां आबाद है करती मां तुझको है मां तुझको
[26:06] है सारे मां चेहरा चमकाएं
[26:11] जीवन दमकाएं
[26:13] ये ना करना बेहिसाब ही करना ये पाप मिटाएं
[26:21] बनाए
[26:23] आपकी आवाज सेवा जोरदार आनी चाहिए
[26:28] ये पाप मिटाए
[26:31] है पुण्य बनाए
[26:33] सत्संग में
[26:36] उत्साह बढ़ाती
[26:38] कभी दी नहीं जाती खुद करनी है पड़ती
[26:43] अधिकार से करिए
[26:46] बड़े प्यार से करिए
[26:48] है सच्ची पूजा
[26:51] सा कोई ना पूजा
[26:53] झुकना सिखाती
[26:56] सम्मान की
[26:58] परेशान से करिए
[27:01] परेशान से करिए
[27:04] सेवा
[27:10] आ
[27:16] अच्छा क्योंकि म्यूजिक चल रहा था तो मैं
[27:18] आवाज तो आप सब अपने मुख से निकाल ही रहे
[27:20] थे क्योंकि खुशी भी है और उमंग उत्साह भी
[27:22] है लेकिन मैं चाहता हूं चार लाइनें बिना
[27:25] म्यूजिक के भी गाएं ठीक है सभी तैयार है
[27:28] पूरे पूरे उमंग उत्साह से ऊपर वाले भी
[27:34] तो आप शुरू करेंगे सेवा से ठीक है वन टू
[27:38] थ्री फोर
[27:40] एक नेक कर्म है
[27:43] हम सबका धर्म है
[27:45] बड़े शान से करिए
[27:48] कर्मों में परम है
[27:51] ये हो गया एक स्केल एक फ्रीक्वेंसी हो गई
[27:54] अब क्योंकि बड़े भी साथ हैं तो बड़े तो और
[27:58] उमंग उत्साह हमारे अंदर भरते हैं ना। तो
[28:01] अब हमारी आवाज कहां जानी चाहिए? पूरे
[28:04] विश्व तक जानी है और यहीं से ही जानी है।
[28:07] पूरी दुनिया देख रही है हमें टीवी से। तो
[28:10] वन टू थ्री फोर
[28:13] एक नेक कर्म है।
[28:16] हम सबका धर्म है।
[28:18] बड़े शान से करिए।
[28:21] कर्मों में परम है।
[28:24] है सच्ची पूजा।
[28:26] सा कोई ना दूजा
[28:29] झुकना सिखलाती
[28:31] सम्मान दिलाती
[28:34] कोई धर्म ना देखे मतभेद मिटाए
[28:39] शुभ भाव जगाकर
[28:41] हमें एक बनाए
[28:47] ओम शांति ओम शांति
[28:55] तो एक और गीत आप सबके सामने प्रस्तुत करते
[28:58] हैं।
[29:00] यह भी गीत बाबा ने सेवा के लिए ही बनवाया
[29:05] और सेवा में हमारा भी उमंग उत्साह भरा
[29:08] रहे।
[29:09] लेकिन जो नई आत्माएं भी जिनको हम इमर्ज
[29:12] करते हैं वह भी बाबा का परिचय ले तो यह
[29:15] गीत खास करके उन आत्माओं के लिए है लेकिन
[29:19] उन आत्माओं तक आवाज तब पहुंचेगी जब वह लहर
[29:23] यहां से उठेगी तो यह बहुत सुंदर गीत है हम
[29:27] सब इस गीत को मिलकर गाएंगे
[29:31] और वैसे तो रास का भी गीत है क्योंकि हम
[29:33] चाहते थे कि रास के साथ-साथ ज्ञान युक्त
[29:36] भी हो तो साथ-साथ बड़े अच्छे से हमें ताली
[29:38] ताली भी बजानी है और इसके शब्द भी सुनने
[29:41] हैं। क्योंकि जब हम नई आत्माओं को इस गीत
[29:43] को भेजते हैं ना तो वो निसंदेह हमारे पास
[29:47] बहुत एग्जांपल्स आए थे तो वो जरूर बाबा का
[29:50] परिचय लेने के लिए दोबारा से हमें फोन
[29:52] करते हैं या बाबा की सेवा स्थान में जाते
[29:54] हैं क्योंकि जिसे हमने तो ढूंढ लिया लेकिन
[29:58] जो पूरी दुनिया अभी ढूंढ रही है तो उनके
[30:01] लिए यह गीत खास करके और लेकिन आवाज और
[30:04] पैगाम यहीं से ही पहुंचेगा। तो आइए बहुत
[30:06] उमंग उत्साह से इस गीत को सुनते हैं कि
[30:10] कहते थे कि जब तुम आओगे तो हम तुम पर
[30:13] बलिहार जाएंगे। कहते थे कि जब तुम आओगे तो
[30:17] हम तुम पर बलिहार जाएंगे। हे आत्मन आंखें
[30:21] खोल और देख जिसे पुकारा वो आ गया। जिसे
[30:26] पुकारा वो आ गया उसका कितना शुक्रिया अदा
[30:30] करें उतना कम है और पैगाम पूरी दुनिया तक
[30:33] पहुंचेगा हमारी तालियों के साथ [संगीत]
[30:40] जिसे ढूंढा था हमने जहां में जिसे ढूंढा
[30:46] था हमने जहां में कल्प वाला वो बाबा यही
[30:52] है यही है जिसे ढूंढा था हमने ज में
[30:59] डाला वो बाबा यही है यही है जिसे
[31:04] हमने ज
[31:09] [संगीत]
[31:19] बाबा को मिलने के बाद
[31:22] हम सबको क्या लगा
[31:29] मन भटकना अभी रुक गया है। जब से तेरा
[31:35] ठिकाना मिला है। मन भटकना अभी रुक गया है।
[31:43] जब से तेरा ठिकाना
[31:46] है।
[31:47] तेरे आने से यूं जिंदगी में ओ तेरे आने से
[31:53] यू जिंदगी [संगीत]
[31:55] में अब मुझे और कहीं जाना
[32:00] तेरे आने से यूं जिंदगी में अब मुझे और
[32:06] [संगीत] कहीं जाना नहीं है नहीं है जिसे
[32:10] ढूंढा था हमने जहां में कल्प वो वाला वो
[32:15] बाबा यही है यही है जिसे ढूंढा था हमने
[32:21] जहां
[32:27] [संगीत]
[32:28] और जब हम ज्ञान मार्ग के रास्ते पर चलने
[32:31] लग जाते हैं जब देह और दुनिया की
[32:35] दुनिया से दूर चले जाते हैं तो उस समय
[32:37] क्या अनुभव होता है
[32:40] देह दुनिया की सुध बुध है भूले
[32:45] नशा नारायण का चढ़ा है देह दुनिया की सुध
[32:51] बुध
[32:52] चढ़ता है ना नशा नारायण का किस को चढ़ता
[32:55] है
[32:56] और उस समय क्या अनुभव होता है उड़ता हूं
[32:59] मैं पार गगन के उड़ता [संगीत] हूं मैं पार
[33:05] गगन क्यों उड़ता हूं मेरा घर इस जमीन पर
[33:11] उड़ता हूं मैं पार गगन [संगीत] के मेरा घर
[33:17] इस जमीन पर नहीं है नहीं जिसे ढूंढा था
[33:22] हमने ज में कल वाला वो बाबा यही है यही है
[33:29] जिसे ढूंढा था हमने जहां में
[33:38] और जो जन्मों जन्मों की प्यासी हम आत्माएं
[33:41] थी
[33:43] अब हमें परम पिता परमात्मा ने ढूंढ के
[33:45] अपना बना लिया [संगीत] और अब हमें क्या
[33:48] करना है
[33:51] जन्मो जन्मों की प्यासी थी रूहे ज्ञान
[33:56] अमृत का पान कर रही है जन्मो जन्मों की
[34:02] प्यासी थी रूहे ज्ञान अमृत का पान कर रही
[34:08] है
[34:09] दूजा रस कोई मन को जो खाए [संगीत]
[34:14] दूजा रस कोई मन को जो खाए
[34:18] ऐसा दुनिया दुनिया में अब तक नहीं है नहीं
[34:22] है दूर रस कोई मन [संगीत] को जो
[34:27] ऐसा दुनिया में अब तक नहीं है नहीं है
[34:31] जिसे ढूंढा था हमने जहां में कल्पो वाला
[34:37] वो बाबा यही है यही है कल्प वाला वो बाबा
[34:43] यही है यही है कल्प वाला वो बाबा यही है
[34:49] यही है वाला वो बाबा यही है यही है
[35:02] ओम शांति ओम शांति बहुत-बहुत शुक्रिया तो
[35:05] पैगाम दोबारा से देने के लिए सब तैयार है
[35:07] ना आज देखिए एक और बाबा ने इतना अच्छा
[35:10] मौका शुभ अवसर हम सबके बीच लाए हैं जिस
[35:14] सेंटर से जिस सेवा स्थान से अनेकों सेवा
[35:17] स्थानों का जन्म हुआ। आज उसका भी दोबारा
[35:20] से हम भव्य उद्घाटन कर रहे हैं। इसलिए आप
[35:23] सबको पुनः बहुत-बहुत मुबारक। बहुत-बहुत
[35:26] शुभकामनाएं। बहुत-बहुत शुक्रिया। ओम
[35:28] शांति।
[35:31] अब मैं बुलाना चाहता हूं हमारे सबके
[35:34] प्यारे आपके मुंबई के दुलारे हरीश मोयल
[35:38] भाई जी को। आइए प्लीज।
[35:42] दिव्या दीदी जी की पालना तो हम चार पांच
[35:45] दिन से ले ही रहे हैं और अपने सौभाग्य के
[35:48] लिए बाबा का शुक्रिया कर ही रहे हैं।
[35:50] लेकिन चार दिन से दिव्या दीदी जी का आदेश
[35:52] था कि हरीश भाई भी चार दिन के लिए समर्पित
[35:54] हो जाएंगे बोरेली ईस्ट में। तो चार दिन से
[35:57] बिल्कुल अंग संग रह के सुबह शाम साथ ही
[36:00] हैं। और मैं तो कहता हूं मीनू दीदी का भी
[36:02] बहुत-बहुत शुक्रिया। इतने सहयोगी आत्मा
[36:05] बाबा ने मीनू दीदी के रूप में हरीश भाई जी
[36:07] को दी हैं। है ना सेवा के लिए। थैंक यू।
[36:10] बहुत-बहुत शुक्रिया प्लीज कंटिन्यू
[36:16] थैंक यू चांद भाई
[36:19] बाबा को प्रत्यक्ष आप ही कराओगे मुझे लगता
[36:21] है [हंसी]
[36:24] पिछले चार दिन से सब जगह इतनी धमाल हो रही
[36:27] है सब जगह गरबा नवरात्रि का माहौल है ना
[36:31] और आज सेंटर का इनोगेशन है हम लोग इतना
[36:34] उमंग उत्साह से चार दिन हमने बिताए बाबा
[36:37] का शुक्रिया और समर्पित जीवन इतना अच्छा
[36:39] अच्छा होता है ये पता नहीं था [हंसी]
[36:43] तो दीदी का बहुत शुक्रिया बहुत बधाई
[36:45] ज्यादा वक्त नहीं लूंगा मुझे लगता है इन
[36:48] सब चीजों के पीछे अगर हम बाबा का शुक्रिया
[36:51] नहीं करें दिल से तो ये सब बातें अधूरी रह
[36:56] जाएंगी उन सबका शुक्रिया जिन्होंने भी इस
[37:00] कार्य को इस छोटे से दीपक को लाइट हाउस
[37:03] बनाने में मदद की उन सबका बहुत शुक्रिया
[37:06] हमारी बिंदु दीदी
[37:09] है ना साक्षात देवी स्वरूप आज तो दशहरे के
[37:12] दिन ऐसा लगता है सारी देवियों का हमें
[37:14] दर्शन हो गया तो थोड़ी देर शांति से एक
[37:20] योग का गीत गाऊं क्योंकि धमाल का गीत तो
[37:22] हो गया है ना एक योग का गीत थोड़ी देर मैं
[37:25] चाहूंगा बाबा के पास चल के और बाबा को
[37:28] शुक्रिया करके आए हम सब जितने भी लोग यहां
[37:30] बैठे हैं और बहुत प्यार से बाबा का
[37:33] शुक्रिया करें कि ऐसा सुंदर लाइट हाउस
[37:35] बाबा आपने हमें दिया ऐसी ऐसी दीदियां हमें
[37:39] दी प्यारे बाबा का शुक्रिया अगर हो सके
[37:43] लाइट थोड़ी या रेड हो सके तो बाबा को याद
[37:46] करते
[37:48] आज हम बाबा को एक अलग रीति से याद करेंगे
[37:52] सभी लंबी गहरी सांस लेंगे और ओम ध्वनि के
[37:55] साथ उड़ान भरते हुए इस सभा गृह से ऊपर उस
[38:00] दिव्य लोक में जाएंगे जहां बाबा हमारा
[38:03] इंतजार कर रहे हैं और ना केवल जाएंगे बाबा
[38:06] को साथ लेके आएंगे सभा में तैयार है सब
[38:11] लंबी गहरी सांस लेंगे
[38:16] ओम
[38:30] पहुंचेंगे प्यारे बाबा के पास
[38:34] उस दिव्य धाम में जहां हर तरफ बाबा की
[38:38] झिलमिल रोशनी
[38:40] बाबा की शक्तिशाली किरणें फैली हुई है।
[38:45] जैसे ही वह किरणें हमारे ऊपर पड़ती है
[38:49] वो शक्तियों का संचार हमारे अंदर हो जाता
[38:52] है। मन के सारे बुरे संकल्प, सारी
[38:55] नेगेटिविटी, सारी व्याधियां,
[38:58] सारा कालापन मानो जल के भस्म हो रहा है और
[39:01] मैं दिव्य फरिश्ता बनता जा रहा हूं।
[39:05] ऐसे बाबा का शुक्रिया करेंगे। शुक्रिया
[39:08] बाबा शुक्रिया शुक्रिया बाबा शुक्रिया
[39:21] [संगीत]
[39:42] जब तुमसे
[39:44] मन जुड़ जाता है
[39:49] आनंद अलौकिक एक पाता
[39:54] जब तुमसे
[39:56] मन जुड़ जाता है आनंद अलौकिक
[40:04] पाता
[40:07] तुमसे मिलने की चाहत में मन मिलों तक उड़
[40:17] जाता [संगीत] है मन मिलों
[40:21] तक उड़ जाता है जब तुमसे
[40:27] मन जुड़ जाता है मन में लो मन तक उड़ जाता
[40:37] है
[40:39] [संगीत]
[40:44] ये मिलन बाबा से सदा यू ही चलता रहे
[40:51] ये आखरी जीवन या आखरी जन्म
[40:55] इस संगम के आखरी पल हर वक्त बाबा की याद
[40:58] दिल में समाई होई
[41:01] सांसों में बाबा की याद समाई होई
[41:10] सांसों की तारों में हर पल
[41:16] बजता
[41:17] तेरा
[41:19] गीत निरंतर
[41:22] सांसों की तारों में हर पल
[41:28] बजता
[41:30] तेरा
[41:31] गीत निरंतर
[41:34] तेरे
[41:36] अनहद
[41:37] नाद के धुन अब गूंजे हर पल मन के भीतर
[41:47] तेरे
[41:50] नाद की धूल
[41:53] गूंजे हर पल मन के ऊपर मन को पंख दिए हैं
[42:04] कैसे
[42:05] रोके ना रुक पाता
[42:11] इस मन को पंख
[42:14] दिए हैं कैसे
[42:18] रोके ना रुक पाता
[42:23] तुमसे मिलने की चाहत में मन मिलों तक उड़
[42:33] जाता
[42:36] मन मिलों
[42:38] तक उड़
[42:42] तुमसे
[42:44] पल जुड़ जाता है। मन बेलों
[42:50] तक उड़ जाता है।
[42:54] मन खुशियों
[42:57] से भर जाता है।
[43:01] आनंद
[43:02] अनोखित
[43:04] पाता
[43:13] बाबा कहते हैं दुनिया तो कांटों का जंगल
[43:16] है और इस जंगल से जब हमारी बुद्धि हमारा
[43:20] मन निकल जाए तभी उस परमधाम उस ईश्वर के
[43:24] धाम पहुंच सकता है।
[43:32] मन की मृग तृष्णा
[43:35] भटक रही थी।
[43:39] कांटों के इस जंगल में
[43:45] मैं अनजाना
[43:48] उलझ गया था
[43:51] मोह माया के दलदल में
[43:57] मोह माया
[44:00] के दलदल में
[44:03] मन के शोर सब थम से गए
[44:10] तुझे झरने की कल कल में इस मन के शोर सब
[44:19] थम से गए हैं
[44:22] तुझे झरने के कल कल
[44:28] सारे
[44:30] प्रश्नों
[44:31] का हर पाया
[44:34] तेरे एक ही उत्तर
[44:41] तेरे
[44:43] एक उत्तर
[44:47] तुमसे
[44:48] मन जुड़ जाता है। मन खुशियों
[44:55] से भर जाता है।
[44:59] मन मेलों तक उड़ जाता।
[45:05] आनंद अलोकिक
[45:08] पाता
[45:12] और इस अलौकिक आनंद को पाने के लिए
[45:16] हमारा मन फिर से इस आवाज की दुनिया में
[45:20] आने का नहीं करता है तो आप कोई भी ताली मत
[45:24] बजाइएगा है ना इस साइलेंस को फील कीजिए इस
[45:28] सूक्ष्म वतन के अनुभव को फील कीजिए
[45:31] थैंक यू बाबा शुक्रिया और
[45:35] समय कम है तो सिर्फ एक छोटा सा गाना और हम
[45:38] सब मिलकर गाएं तो मुझे अच्छा लगेगा।
[45:42] है ना यह लाइट हाउस बनाने में जितने भी
[45:45] लोग मददगार हुए हैं। सिर्फ धन से और कर्म
[45:48] से नहीं कितने लोगों की शुभ भावनाएं होंगी
[45:50] आज जब हम सुन रहे थे। उन कमरों की कहानी
[45:54] उस छोटी-छोटी चीजों की कविता दीदी जब बता
[45:56] रहे थे तो ऐसा लग रहा था मैं भी काश वहां
[45:59] होता। तो ये लाउड लाइट हाउस को बहुत
[46:01] शुभकामनाएं हम यहां से भेजें और मिलकर सब
[46:04] गाएंगे कुछ चार लाइनें
[46:08] धूप में
[46:10] कभी छांव बनकर
[46:14] लहरों में
[46:16] कभी नाव बनकर
[46:19] लड़खड़ाए कदम
[46:22] थामा है हाथ जब लड़खड़ाए कदम
[46:29] थामा
[46:30] है हाथ
[46:31] तो ये कार्य आसान तो नहीं था कोई तो शक्ति
[46:34] थी जिसने मदद की तो वह शक्ति कौन थी हम
[46:37] सबको पता है कौन साथ था हमारी दीदियों के
[46:42] मेरे बाबा है साथ मेरे
[46:46] बाबा मेरे साथ
[46:47] जोर से
[46:48] मेरे बाबा है साथ मेरे बाबा है साथ
[46:54] है बाबा मेरे साथ मेरे बाबा बाबा है साथ
[47:00] और बाबा इसलिए साथ थे क्योंकि हमारी
[47:03] दीदियों की मन की तार हमेशा बाबा से जुड़ी
[47:06] थी। जुड़ गई है मन की तार तुमसे।
[47:14] शक्तियां मिल रही अपार तुमसे।
[47:20] भाग्य के द्वारे खुले हमको हमारे
[47:25] [गाना गाने की आवाज़] मिले। आई जीवन में
[47:29] ये बहार
[47:32] तुमसे ओ बाबा
[47:36] ओम शांति थैंक यू आज समय कम है फिर किसी
[47:41] और दिन और सभा को आज हम जिनको सुनने के
[47:44] लिए आए हैं मैं भी उन्हीं को सुनने आया
[47:46] हूं। थैंक यू दीदी। थैंक यू।
[47:50] ओम शांति।
[47:52] तो दोनों भाइयों की कला को हमने देखा। एक
[47:58] ने कमाल किया, धमाल किया, दूसरे ने निहाल
[48:01] किया। है ना?
[48:04] तो दोनों भाइयों के लिए आइए दोनों भाई एक
[48:08] बार पुनः और इस जुगल जोड़ी के दर्शन फिर
[48:12] से करा दीजिए।
[48:15] आइए चांद भाई। एक कमाल धमाल और एक है
[48:19] निहाल करने वाले ऐसे दोनों भाइयों का सच
[48:23] में आपस में बहुत प्यार है।
[48:27] अब तालियां इतनी बजनी चाहिए
[48:31] कि बाबा तक वतन तक परमधाम तक यह आवाज
[48:35] पहुंचे
[48:40] और सारा हॉल हमारे भाई बहनों का दिल
[48:44] खुशियों से गदगद हो जाए। तो बहुत-बहुत
[48:48] तेरा शुक्रिया।
[48:53] बहुत-बहुत शुक्रिया। बहुत-बहुत धन्यवाद।
[49:00] तो आज
[49:02] रोशनी का
[49:04] एक नया अध्याय लिखा जाएगा।
[49:08] हर दिल पर एक पैगाम लिखा जाएगा। कि आज
[49:12] रोशनी का एक नया अध्याय लिखा जाएगा।
[49:16] हर दिल पर एक पैगाम लिखा जाएगा। यह सेवा
[49:20] स्थान लाइट हाउस द्वारा ना जाने कितनी
[49:24] आत्माओं का जीवन बदल जाएगा। ना जाने कितनी
[49:28] आत्माओं का जीवन बदल जाएगा।
[49:33] तो आज सभी
[49:36] जीत का जश्न मना रहे हैं।
[49:39] और रावण पर विजय पाकर दशहरा मना रहे हैं।
[49:43] आज दशहरा है ना? हां तो बोलो। हां। तो आज
[49:48] सभी जीत का जश्न मना रहे हैं और रावण पर
[49:52] विजय पाकर दशहरा मना रहे हैं। ऐसे विजय
[49:56] रत्नों को वतन से बाबा स्नेह के पुष्प की
[49:59] माला पहना रहे हैं।
[50:02] बाबा स्नेह के पुष्प की माला पहना रहे
[50:05] हैं।
[50:07] क्योंकि आज
[50:09] आज का दिन विजय का दिन है। आज का दिन उमंग
[50:14] का दिन है। आज का दिन खुशियों का दिन है।
[50:19] नई शुरुआत का दिन है। आज के इस विजय दशमी
[50:24] दशहरे के शुभ अवसर पर बोरीवली को एक नई
[50:29] पहचान मिल रही है। जो चमकेगा लाइट हाउस
[50:33] बनकर, जो महकेगा गुले गुलजार बनकर, जो
[50:37] महकेगा गुले गुलजार बनकर
[50:42] तो काफी समय से हम देख रहे हैं।
[50:46] मंच पर शक्तियों की कमी नजर आ रही है।
[50:51] [नाक से की जाने वाली आवाज़] और अब
[50:53] मैं उन शक्तियों को उन देवियों को मंच पर
[50:59] आमंत्रित करना चाहती हूं।
[51:03] आप सभी को पता होगा
[51:05] हमारे इस लाइट हाउस में नौ फ्लैट्स,
[51:10] नवरात्रि का समय
[51:13] और नौ बहने जो मंच पर विराजित होंगी
[51:19] तो ऐसी देवियों का, ऐसी शक्तियों का चलो
[51:25] हम आह्वान करते हैं और मंच की सुंदरता को
[51:29] बढ़ाते हैं।
[51:32] आज
[51:33] नौ शक्तियों का संगम है।
[51:37] आज नौ रत्नों का सम्मान है। और समर्पण की
[51:41] हर धड़कन में छिपा प्रभु का वरदान है। कि
[51:46] समर्पण की हर धड़कन में छिपा प्रभु का
[51:49] वरदान है। मंगलनाद से गूंजे इन देवियों को
[51:54] प्रणाम है। मंगलनाद से गूंजे इन देवियों
[51:59] को प्रणाम है। और सेवा में समर्पित महान
[52:02] हस्तियों को शत शत सलाम है। शत शत सलाम
[52:06] है।
[52:09] तो देखिए
[52:12] कैसे जोर शोर से नगाड़ों के साथ खुशियों
[52:16] के साथ ढोल गाजे बाजे के साथ हमारी ये
[52:21] देवियां शक्तियां पधार रही है। और सबसे
[52:25] पहले
[52:27] संतोष दीदी
[52:30] सर्व की मनोकामना पूर्ण करने वाली जगत
[52:34] जननी मां जगदंबा के साथ पधार रही है
[52:37] आदरणीय संतोष दीदी जी
[52:42] मैं चाहूंगी
[52:44] आप अपने स्थान पर खड़े होकर
[52:48] इन शक्तियों इन देवियों का सम्मान करें
[52:51] सत्कार करें
[52:56] और जब साहस संकल्प बन [संगीत] जाए
[53:01] जब आत्मबल पर्वत सा अडीब हो तब प्रकट होती
[53:05] है शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा मां दुर्गा
[53:08] के साथ पधार रही है आदरणीय दिव्या दीदी
[53:12] आदरणीय दिव्या दीदी अरे तालियों की तो
[53:15] गड़गड़ाहट होनी चाहिए
[53:24] ज्ञान का दीप जलाने वाली मधुरता का संगीत
[53:28] सुनाने [संगीत] आने वाली आदि शक्ति मां
[53:31] सरस्वती के संग पधार रही है। राज बहन का
[53:35] स्वागत है। स्वागत है। स्वागत है।
[53:45] संतोष की संपदा लिए
[53:49] भावनाओं का भंडार लिए। मां संतोषी संग
[53:54] बिंदु बहन का प्रेम पूर्ण स्वागत है।
[53:57] स्वागत है। स्वागत है।
[54:02] [संगीत]
[54:06] जब संकल्प पवित्र हो तो जीवन की दिशा
[54:10] पवित्र हो। इसी पवित्रता और श्रेष्ठता के
[54:14] भाव के साथ पधार रही है। मां गायत्री के
[54:17] साथ रंजन बहन, रंजन बहन मन है आपका
[54:22] [संगीत] जीवन के
[54:24] मन है आपका
[54:29] समृद्धि केवल धन की नहीं होती [संगीत]
[54:32] गुणों की भी होती है वैभव केवल आभूषणों से
[54:36] नहीं श्रेष्ठ संस्कारों से भी होती है
[54:40] [संगीत] मां लक्ष्मी के शुभ आगमन के साथ
[54:42] पधार रही है रश्मि बहन
[54:50] लक्ष्मी बहन का मां लक्ष्मी आहान करके ले
[54:54] आ रही है [संगीत] और सभी देवियां शक्तियां
[54:58] हाथों से वरदान दे रही है। [संगीत]
[55:01] सौम्यता की शीतल छाया सूर्य से उज्जवल
[55:05] काया लिए मां उमा के साथ पधार रही है भानु
[55:10] बहन रमत रास हरिहर अह सब जग बुला धम धमत
[55:15] ढोल शहनाई नाद भरपूर शूर सबक साथ
[55:20] [संगीत]
[55:24] जगदंबर
[55:26] प्रेम की सरिता [संगीत]
[55:27] निष्ठा और समर्पण के दिन प्रेरणा से मां
[55:32] पार्वती संग [संगीत] पधार रही है बहन
[55:39] रण झरण [संगीत] पाव घुंगरी घमंड बिजली सी
[55:42] भाड़ी चमक महिमा अपार नव लाख माण भाग जाग
[55:47] अद्भुत [संगीत]
[55:49] और मां शीतला संग
[55:53] आपके [संगीत] सामने चली है
[55:56] संगीता बहन संसार
[55:59] [संगीत] राजेश्वरी
[56:01] हम बाज कर मालवी
[56:05] [संगीत]
[56:15] [संगीत]
[56:19] साथिया पूरा वो द्वारे
[56:24] देवड़ा प्रगटा वो [संगीत] रा
[56:29] साथिया पूरा [संगीत] मारे जीव प्रगटा राज
[56:34] आज मारे [गाना गाने की आवाज़]
[56:35] आंगने पधार
[56:37] बाबा [संगीत]
[56:38] सभी देवियों शक्तियों से अनुरोध है अपने
[56:42] अपने आसन पर विराजित हो जाए
[56:49] लोग एक देवी के दर्शन को तरसते हैं ना
[56:54] जाने कितनी मन्नतें मांगते हैं आज एक
[56:58] नहीं, दो नहीं, पूरी नौ देवियां
[57:01] साक्षात्कार कराने के लिए मंच पर हाजिर
[57:04] है। हाजिर है।
[57:09] तो चलिए,
[57:11] इस दिव्य दरबार [संगीत] में
[57:14] मधुबन की पावन धरा से पधारे
[57:18] अनमोल रत्नों को भी मैं मंच पर आमंत्रित
[57:22] करती हूं।
[57:24] हमारे सोम शेखर भाई
[57:28] आइए मंच पर आपका भी बहुत-बहुत स्वागत है।
[57:33] सोम शेखर भाई दीपक भाई
[57:40] जहां भी विराजित हैं। मधुबन के भाइयों को
[57:44] मैं मंच पर आमंत्रित [संगीत] कर रही हूं।
[57:47] आप अपनी तालियों का साथ हमारे तपस्वीयों
[57:50] के लिए
[57:54] सोमशेखर भाई [संगीत]
[57:56] दीपक भाई दिनेश भाई जो मधुबन से पधारे भरत
[58:01] भाई जो मधुबन से पधारे हैं। क्योंकि
[58:04] देवियों के साथ यह रूहानियत की आभा लिए आज
[58:08] हमारे बीच [संगीत]
[58:11] देवियों के साथ यह देव भी पधारे हैं।
[58:16] [संगीत]
[58:17] वाली तो चलिए अंबे क्यों ना इन देवियों का
[58:22] शक्तियों का श्रृंगार हो जाए [संगीत] और
[58:26] श्रृंगार करने के लिए सबसे पहले मैं बहनों
[58:31] से अनुरोध करूंगी
[58:34] धीरज बहन बिंदी और खेस पहनाकर के [संगीत]
[58:39] हमारी संतोष दीदी दिव्या दीदी का स्वागत
[58:44] करेंगे
[58:46] [संगीत]
[58:47] आपकी आवाज कम नहीं होगी। जब तक चलेगा
[58:51] सम्मान
[58:53] तब तक बजती रहेगी ये तालियां
[58:57] भाल पर भाग्य का तिलक
[59:00] [संगीत]
[59:03] साथ में
[59:05] हेवी नवर
[59:08] [संगीत]
[59:10] नारी रे बहन भवानी ताज पहना [संगीत]
[59:16] सम्मानित कर रही है रे
[59:20] शोभा सारी [संगीत] रे
[59:24] प्यारी रे
[59:27] गुलदस्ते से [संगीत] इन रूहानी पुष्पों का
[59:30] सम्मान कर रही है
[59:33] साथ ही
[59:36] अन्य शक्तियों के सम्मान के लिए [संगीत]
[59:39] हेमा बहन बिंदी के द्वारा
[59:43] पारुल बहन के द्वारा
[59:52] दिव्या [संगीत]
[59:56] सभी से मैं अनुरोध करूंगी
[1:00:00] जो मन हर [संगीत]
[1:00:02] और दूसरी तरफ जो देवता विराजमान है
[1:00:09] उन्हें बिंदी देने के लिए धीरज पहन
[1:00:13] उन्हें खेस पहनाने के लिए कृष्णा
[1:00:17] [संगीत]
[1:00:18] रे
[1:00:21] जो पगड़ी है बड़ी तगड़ी पहनाने के लिए आ
[1:00:24] रहे हैं किशोर भाई
[1:00:28] अनिकेत भाई गुलदस्ते से
[1:00:33] स्वागत कर रहे हैं
[1:00:37] [संगीत]
[1:00:39] भाल पर भाग्य का तिलक चमक रहा है [संगीत]
[1:00:44] स्नेही आंचल आदर सत्कार का सल ये चमक रहा
[1:00:50] है [संगीत]
[1:00:52] जिन पर सभी को होता नाज मस्तक पर सज रहा
[1:00:56] उनके सुंदर [संगीत]
[1:00:57] ताज
[1:01:05] [संगीत]
[1:01:10] जय अंबे जय अंबे [संगीत] जय जय अंबे आज जय
[1:01:15] अंबे का दिन है जय जय साक्षात्कार का दिन
[1:01:19] है अंबे जय अंबे [संगीत]
[1:01:21] जय जय अंबे मां जय अंबे जय अंबे जय जय
[1:01:26] अंबे मां
[1:01:31] [संगीत] कितना सुंदर
[1:01:33] ये दृश्य है दिल करता है इसी दृश्य को
[1:01:37] निहारते रहे [संगीत] और ये दर्शन का लाभ
[1:01:41] लेते रहे
[1:01:44] जय राम
[1:01:46] ढोल [संगीत] नगाड़ा [गाना गाने की आवाज़]
[1:01:48] जय राम
[1:01:50] ढोल नगाड़ा
[1:01:53] जय राम हे सुर [संगीत]
[1:01:57] [गाना गाने की आवाज़]
[1:01:59] मां सुर
[1:02:03] [संगीत] मां गोख
[1:02:06] और ये सुंदर
[1:02:08] श्रृंगार से तो हमने स्वागत किया [संगीत]
[1:02:13] इन सुनहरे पलों को देख आज अंतर्मन में भाव
[1:02:17] जागे हैं। और नृत्य के माध्यम से सोनी
[1:02:23] स्कूल ऑफ गरबा डांस की कुमारियां
[1:02:26] जो एक बहुत सुंदर
[1:02:29] डांस की प्रस्तुति करने जा रही हैं। मारी
[1:02:34] मावड़ी ने बधाओ बधाओ रे। मारी मावड़ी ने
[1:02:38] बधाओ बधाओ रे। सोनी स्कूल ऑफ गरबा डांस एक
[1:02:44] ऐसा डांस ग्रुप जिसकी लगातार देश विदेश
[1:02:48] में परफॉर्मेंस होती रहती है। पिछले ही
[1:02:52] सप्ताह दुबई में आपने परफॉर्म किया। इस
[1:02:56] सप्ताह नीता अंबानी जिओ वर्ल्ड सेंटर में
[1:02:59] परफॉर्म किया। आज हमारे बीच अपनी सेवाएं
[1:03:03] देने के लिए पहुंचे हैं। एक बार जोरदार
[1:03:06] तालियां हो जाए। सोनी ब्रदर्स, जिगर भाई,
[1:03:11] सूरज भाई करीब 28 वर्षों से गरवे की गरिमा
[1:03:18] और गुजरात की लोक संस्कृति की विरासत को
[1:03:22] बनाए रखने में आपका बहुत बड़ा योगदान रहा
[1:03:25] है। तो चलिए तालियों की गूंज के साथ सोनी
[1:03:31] सोनी ब्रदर्स द्वारा कोरी कोरियोग्राफ
[1:03:34] बहनों को इस प्रस्तुति के रूप में हम
[1:03:37] देखते हैं मारी मावड़ी ने बधाओ बधाओ रे और
[1:03:42] वो कह रही है मैं आऊं और तुम बजाओ रे बजाओ
[1:03:47] रे बजाओ रे
[1:04:08] [संगीत]
[1:04:12] ओ
[1:04:18] [संगीत]
[1:04:40] [संगीत]
[1:04:40] आ रेगमगता
[1:04:43] नेमकता
[1:04:44] चमक चमक [संगीत] ला रे आज
[1:04:50] मारी
[1:04:59] आज [संगीत]
[1:05:02] मारी बावड़ी रे
[1:05:17] [संगीत]
[1:05:25] [संगीत]
[1:05:26] अंबाो आो [गाना गाने की आवाज़]
[1:05:29] टके से मोर
[1:05:32] चांदा [संगीत] ने जोई
[1:05:34] [गाना गाने की आवाज़] ने नाचे चाको
[1:05:44] अंबा [संगीत]
[1:05:45] ने टके से मोर चांदा ने जोई ने नाचे
[1:05:50] माया ने बाकी [संगीत] डोर थारो चमकारो छ
[1:05:55] कोर
[1:05:56] ने
[1:05:58] हरिया
[1:06:00] [संगीत] रे डगमगता में जगमगता जीवा चमक
[1:06:04] चमक ला रे आज है [संगीत] आज ह आज है
[1:06:13] बा
[1:06:16] रे
[1:06:19] [संगीत]
[1:06:22] आज
[1:06:23] [संगीत]
[1:06:30] [संगीत]
[1:06:34] है [संगीत]
[1:06:41] [संगीत]
[1:06:45] [संगीत]
[1:06:55] [संगीत]
[1:06:55] पर्वत पर
[1:07:03] सहेली सुनारी चामुंडा ठंडी में ठंडी असुर
[1:07:10] अवतारी रे म असुर को अवतारी [संगीत]
[1:07:14] रे म असुर को
[1:07:22] बना
[1:07:27] [संगीत]
[1:07:33] [संगीत]
[1:07:42] भाव तो आप सभी ने समझे होंगे कि कितने दिल
[1:07:46] से कितने प्यार से इस श्रृंगार को
[1:07:49] उन्होंने और अपने नृत्य के माध्यम से सजा
[1:07:52] दिया और स्वागत सत्कार कर दिया। पुनः पुनः
[1:07:56] इस ग्रुप का हम जोरदार तालियों से अभिनंदन
[1:08:01] करते हैं। शुक्रिया करते हैं
[1:08:06] और उस ग्रुप से अनुरोध करूंगी कि आकर के
[1:08:11] आदरणीय संतोष दीदी के द्वारा
[1:08:15] प्रभु प्यार की प्रभु स्नेह की सौगात
[1:08:20] गिफ्ट प्राप्त करें। उस ग्रुप को मैं
[1:08:22] आमंत्रित करती हूं। आइए और आदरणीय दीदी जी
[1:08:27] से मां जगदंबा स्वरूपा संतोष दीदी जी से
[1:08:34] आइए।
[1:08:37] देखिए कितनी छोटी बच्ची
[1:08:41] और कितने सुंदर भाव लेकर के आई थी।
[1:08:58] सभी कुमारियों से अनुरोध है
[1:09:04] [संगीत]
[1:09:07] सभी उम्र की बच्चियां यहां नजर आ रही हैं।
[1:09:11] भाव विभोर होकर के क्या गीत गा रही हैं।
[1:09:15] आइए दीदी से प्राप्त करें।
[1:09:21] [संगीत]
[1:09:23] बहुत ही सेवा भाव से आपने ये प्रस्तुति
[1:09:28] यहां पर दी है और इतना बिजी शेड्यूल
[1:09:32] [संगीत] होते हुए भी आपने इस निमंत्रण को
[1:09:35] स्वीकारा, इस सेवा को स्वीकारा और हमारे
[1:09:38] बीच यहां पहुंचे हैं।
[1:09:45] चलिए अब मैं बताती हूं यह बात मैं किसके
[1:09:48] लिए कह रही हूं। अगर आप पहचान जाए तो जरा
[1:09:51] हाथ ऊंचा करिए कि संकल्प लिया तो राह
[1:09:56] बनाई।
[1:09:57] संकल्प लिया तो राह बनाई। मेहनत से हर
[1:10:01] मंजिल पाई। मेहनत से हर मंजिल पाई। अपने
[1:10:06] श्रम से स्वप्न सवारा। सेवा का सुंदर दीप
[1:10:10] निखारा। सेवा का सुंदर दीप निखारा। बताओ
[1:10:13] कौन?
[1:10:15] अच्छा बिंदु बहन कहने वाले कौन-कौन है?
[1:10:20] तो सच में वो हमारी प्यारी बिंदु बहन आज
[1:10:26] तो बिंदु बहन की खुशी का पारा वार नहीं
[1:10:30] है। [प्रशंसा]
[1:10:32] और उनकी महिमा भी अपरंपार। ऊपर वाले बिंदी
[1:10:36] की भी नीचे वाले बिंदु की भी दोनों की
[1:10:39] महिमा अपरंपार और बिंदु बहन की तपस्या को
[1:10:43] देख बिंदु बाबा भी खुशियों के पुष्पों की
[1:10:47] वर्षा कर रहे हैं। [प्रशंसा]
[1:10:53] तो प्यार भरे स्नेह भरे स्वागत को
[1:10:56] प्रस्तुत करने जा रही हैं। बिंदु बहन
[1:11:00] आमंत्रित करती हूं।
[1:11:04] ओम शांति शांति
[1:11:09] प्राणों से प्यारे बाप दादा
[1:11:15] साकार ब्रह्मा बाप की पालना ली हुई बाप
[1:11:19] समान स्थिति वाली हमारी आदरणीय
[1:11:23] संतोष दीदी जी
[1:11:27] निरहंकारिता की प्रतिमूर्ति
[1:11:31] आदरणीय
[1:11:32] दिव्या बहन जी
[1:11:37] सभा में मंच पर उपस्थित
[1:11:41] मेरी वरिष्ठ
[1:11:43] दीदियां वरिष्ठ बहने
[1:11:48] मधुबन घर से
[1:11:50] दादियों की प्यार की सुगंध लेकर आए। मधुबन
[1:11:54] की सुगंध लेकर आए हमारे आबू निवासी सभी
[1:11:58] वरिष्ठ भाई
[1:12:02] आउट स्टेशन से पधारे हुए हमारे खास आज इस
[1:12:07] कार्यक्रम के लिए पधारे हुए मेहमान
[1:12:11] पूरे बॉम्बे से अलग-अलग स्थानों से आए हुए
[1:12:18] भाई बहने
[1:12:20] और साथ-साथ
[1:12:24] मेरे साथ रोज
[1:12:26] पुरुषार्थ की सीढ़ियां चढ़ने वाले सेवाओं
[1:12:30] की धूम मचाने वाले प्यारे बाबा को
[1:12:32] प्रत्यक्ष करने के कार्य में जुटे हुए भाई
[1:12:35] बहने
[1:12:37] आप सभी को
[1:12:39] इस मंगल वेला की
[1:12:43] इस मंगलवार की
[1:12:47] विजय दशमी की
[1:12:50] इस त्रिवेणी संगम की बहुत-बहुत बधाई हो
[1:12:53] बधाई हो बधाई हो [प्रशंसा]
[1:12:57] और साथ-साथ जो इस सभाग सभाग्रह को आप सभी
[1:13:02] ने आज के इस सु अवसर पर पहुंच के चमकाया
[1:13:05] है। ऐसे आप सभी का तहे दिल से सभी ब्रह्मा
[1:13:09] वत्सों का हार्दिक स्वागत है। स्वागत है।
[1:13:13] स्वागत है। [प्रशंसा]
[1:13:17] सचमुच
[1:13:20] आज दिल हर्ष से भरा हुआ है। इस लाइट हाउस
[1:13:24] का उद्घाटन दीदी जी दी के हस्तों से हुआ।
[1:13:31] धीरे-धीरे मैं देख रही हूं कि बोरीवली
[1:13:34] जवेरी बाजार बनता जा रहा है। आप सब भी देख
[1:13:38] रहे होंगे सोने हीरे की दुकानें यहां
[1:13:41] खुलती जा रही हैं। और आज तो
[1:13:44] बड़े ते बड़ा
[1:13:47] जहरी बड़े ते बड़ा सेठ बहुत खुश है कि आज
[1:13:52] उसके ज्ञान रत्नों की बड़ी दुकान का
[1:13:55] शुभारंभ हुआ है।
[1:13:57] [प्रशंसा]
[1:14:00] प्यारा बाबा
[1:14:03] जिनके हस्तों से यह स्थान बना है।
[1:14:08] आज मैं अपना एक अनुभव शेयर करना चाहती हूं
[1:14:10] जो
[1:14:12] जब यह कार्य आरंभ हुआ तो
[1:14:15] अमृतवेले
[1:14:18] पूरा होते ही एक सीन जो मुझे दिखाई दिया
[1:14:22] था वह शेयर करना चाहती हूं। मैंने जिस दिन
[1:14:24] देखा था उसके अगले दिन क्लास वालों को भी
[1:14:27] सुनाया था और आज वो सीन क्योंकि मुझे
[1:14:30] भूलता नहीं है। बाबा अक्सर कहते हैं ना
[1:14:32] ज्ञान की बातें भूल जाती है लेकिन अनुभव
[1:14:36] भूलते नहीं है तो आज आप सबके आगे रखती
[1:14:39] हूं। जब यह कार्य आरंभ हो रहा था
[1:14:44] तो मैंने बाबा को कहा
[1:14:49] बाबा यह कहां घर बनाने का काम मुझे दे रहे
[1:14:52] हो?
[1:14:54] संतोष दीदी जी को भी
[1:14:57] मैंने सुना है। वह कहते हैं कि दीदी आपकी
[1:15:01] बात मंच पर सुना रही हूं।
[1:15:04] दीदी हमेशा कहते हैं कि घर बनाना माना
[1:15:07] जिंदगी के 5 साल कम करना। हैं दीदी?
[1:15:12] तो मैंने यह सुना हुआ था। मैं ट्रांसफर
[1:15:16] में मेरी सायन ट्रांसफर हुई थी। तो संतोष
[1:15:20] दीदी जी की कई बातें मेरे साथ हैं।
[1:15:25] और जब यह कार्य आरंभ हुआ तो मैंने बाबा को
[1:15:28] कहा कि बाबा घर जाने का समय है। कहां घर
[1:15:32] बनाने का काम मुझे दे रहे हो?
[1:15:35] और जो मैं बता रही थी कि अमृतवेला था और
[1:15:38] उसके बाद में एक वंडरफुल सीन सामने आई।
[1:15:43] ब्रह्मा बाबा का बड़ा विराट स्वरूप जिसमें
[1:15:46] मुख परमधाम में है। पूरी बॉडी सूक्ष्म वतन
[1:15:51] में है और क्रॉस लेग बाबा साकारी दुनिया
[1:15:55] में है। आप समझ सकते हैं कितना विराट
[1:15:57] स्वरूप और बाबा
[1:16:01] लिगो खेल रहे थे। लिगो में ऐसे टुकड़े
[1:16:05] जोड़ जोड़ करके बच्चे रेलगाड़ी बनाते हैं।
[1:16:09] अलग-अलग चीजें बनाते हैं। तो बाबा घर बना
[1:16:13] रहे थे।
[1:16:15] ऐसा सुंदर सीन देखा और वह सीन ओझल हो गया
[1:16:21] और बस मेरे लिए एक बहुत बड़ी वो शिक्षा बन
[1:16:25] गई
[1:16:27] कि घर बनाना बाबा के लिए तो खेल है
[1:16:32] और घर किसका है? किसका?
[1:16:36] बाबा का है। बना कौन रहा है?
[1:16:40] बाबा बना रहा है तो फिर तू किस बात की
[1:16:43] चिंता करती है तो बाबा ने जैसे वह सीन
[1:16:46] दिखा के मुझे कहा अरे तू घर जाने की चिंता
[1:16:51] कर तू अपने को तैयार कर और घर जाने की
[1:16:54] चिंता कर घर तो मेरा है मैं बना लूंगा और
[1:16:59] तब मुझे बाबा ने यह सीख दी कि मुझे मूर्ति
[1:17:05] बनना है मंदिर तो अपने आप बन जाएगा
[1:17:09] कदम कदम पर इस घर को बनते बहुत से मोड़
[1:17:14] बहुत सी बातें आई लेकिन जैसे ही वह सीन आज
[1:17:18] भी याद करती हूं बाबा ने वह सीन दिखाकर के
[1:17:23] मुझे डबल लाइट कर दिया था तो कभी भी अंदर
[1:17:27] में उसके बाद में यह संकल्प नहीं चला कि
[1:17:30] यह क्यों हो रहा है? यह क्या हो रहा है?
[1:17:34] तो प्यारे बाबा का
[1:17:37] बहुत सारा प्यार, बहुत सारी मदद, ढेर सारी
[1:17:42] किरणें, ढेर सारी सकाश के आधार से यह कोना
[1:17:46] कोना लाइट हाउस का तैयार हुआ है।
[1:17:51] जिसमें दिल आज धन्यवाद के भावों से भरा
[1:17:55] हुआ है।
[1:17:59] मैं दिव्या बहन के साथ
[1:18:03] इसी स्थान पर पुराने स्थान पर बहुत वर्ष
[1:18:06] रही और जो बहुत कुछ सीखा उस सीख का परिणाम
[1:18:12] है यह लाइट हाउस। तो सारा श्रेय मैं आज
[1:18:16] दिव्या बहन को देना चाहूंगी कि उनकी सीख
[1:18:19] से आज यह स्वरूप तैयार हुआ है।
[1:18:25] साथ-साथ
[1:18:27] मुझे आज याद आ रहे हैं वो भाई बहने
[1:18:31] क्योंकि यह 1980 का बना हुआ सेवा स्थान
[1:18:34] है। मेरा यहां 1990 में आना हुआ और
[1:18:39] बहुत पुराने भाई-बने सेकंड फ्लोर पर हमारा
[1:18:44] हॉल था और सीढ़ियां चढ़कर के आते थे तब
[1:18:48] लिफ्ट नहीं थी।
[1:18:51] आज वह भाई बहने बुजुर्ग हो गए हैं और आज
[1:18:55] उनको अंदर में यह संकल्प होता था कि काश
[1:18:59] यहां पर लिफ्ट होती तो उनकी दुआओं से उनकी
[1:19:03] शुभभावनाओं से मुझे लगता है कि वडिलों के
[1:19:06] आशीर्वाद से यह सेवा स्थान तैयार हुआ है।
[1:19:09] लेकिन एक लिफ्ट नहीं अब दो-दो लिफ्ट इस
[1:19:14] लाइट हाउस को प्राप्त हुई है। अलग विंग
[1:19:17] प्राप्त हुई है और साथ में दो-दो लिफ्ट
[1:19:20] प्राप्त हुई है। इसी सभा में एक ऐसी आत्मा
[1:19:23] को मैं याद करना चाहूंगी। हमारे रमण भाई
[1:19:26] सोनी कहीं बैठे हो तो किरण बहन आप उन्हें
[1:19:29] खड़ा करेंगे।
[1:19:32] रमण भाई सोनी बैठे हैं।
[1:19:37] अच्छा तो हमारे 105 साल के रमण भाई सोनी
[1:19:43] हम ऐसे 90 से की ऊपर उम्र वाली सुनंदा बहन
[1:19:49] हमारी 90 से ऊपर वाली हमारी मीरा बहन बापट
[1:19:54] देखो ऐसे कई हैं जिनके आशीर्वादों से
[1:19:58] जिनकी दुआओं से यह स्थान तैयार हुआ है।
[1:20:02] कईयों ने तो शरीर भी छोड़ा लेकिन उन सबके
[1:20:06] आशीर्वादों से दुआओं से यह स्थान बना है।
[1:20:10] और साथ में आज इस सभा में वो आर्किटेक्ट
[1:20:16] भी हैं। वो इंटीरियर डिजाइनर्स भी बैठे
[1:20:19] हैं और वो एजेंसीज भी बैठी हैं जो इस
[1:20:23] स्थान को बनाने के निमित्त बनी क्योंकि
[1:20:25] काफी जो समय लगा उस समय में ऐसे परिवार की
[1:20:29] तरह हम बन गए ऐसा फील होता था। तो उनका भी
[1:20:32] दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद है, आभार है
[1:20:38] और साथ में मेरे साथी बहने और साथी भाई जो
[1:20:43] समर्पित हैं सेंटर पर हैं
[1:20:46] जो जैसे कहते हैं ना कि आप सुई को टॉर्च
[1:20:50] लेकर के ढूंढते हो ना। ऐसे मुझे कई बार
[1:20:52] होता है कि मैं सूरज लेकर के भी ढूंढूं ना
[1:20:55] तो ऐसे साथी बहने और साथी भाई नहीं
[1:20:58] मिलेंगे। को दिल से समर्पित परिवार को भी
[1:21:02] बहुत-बहुत आभार, बहुत-बहुत थैंक्स है और
[1:21:06] साथ-साथ आप सभी भाई बहने
[1:21:10] जिन्होंने बड़े भावों से इतने सालों में
[1:21:15] बहुत ही दिल से बड़े दिल से इस स्थान को
[1:21:19] तैयार करने में खड़े पैर मदद दी है। तो आप
[1:21:22] सभी का भी तहे दिल से हार्दिक आभार। मैं
[1:21:26] चाहूंगी अपने लिए जोरदार तालियां बजाएं
[1:21:29] [प्रशंसा]
[1:21:32] और अंत में इतना ही कहना चाहूंगी कि इस
[1:21:35] स्थान को पर हम खूब सेवाएं करेंगे। यह
[1:21:39] स्थान वो स्थान है जो शिफ्ट्स में क्लासेस
[1:21:43] चलाने के लिए मशहूर रहा है। क्योंकि छोटा
[1:21:46] हॉल था। दिव्या बहन ने खूब सेवाएं की थी।
[1:21:49] परिवार बड़ा था तो हम शिफ्ट में क्लासेस
[1:21:52] किया करते थे। छह क्लासेस कोकिला बहन याद
[1:21:56] दिला रही हैं। छह क्लासेस यहां चलती थी और
[1:21:59] मंचासीन जो हमारी बहनें हैं, हमारे दीपक
[1:22:02] भाई हैं, हम सभी ने यहां पर साथ में रह के
[1:22:06] हम 10 बहनें एक साथ एक ही स्थान पर रहती
[1:22:10] थी और मिलकर के हमने सेवाएं की। आज उसने
[1:22:14] इतना बड़ा स्वरूप लिया है। तो मैं वायदा
[1:22:17] करती हूं दीदी जी हम प्यारे बाबा को इस
[1:22:21] स्थान से प्रत्यक्ष करेंगे। हम यहां पर
[1:22:25] भठियां करेंगे। हम यहां पर मनसा सेवा के
[1:22:29] प्रोग्राम्स करेंगे। ताकि जो लाइट हाउस
[1:22:32] इसका नाम है उसको हम सार्थक करें। पुनः एक
[1:22:36] बार आप सभी का हार्दिक स्वागत है। हार्दिक
[1:22:40] स्वागत है। ओम शांति। [प्रशंसा]
[1:22:43] बिंदु बहन आपका भी तहे दिल से स्वागत है।
[1:22:48] स्वागत है। [प्रशंसा]
[1:22:51] मैं देखती थी कि जब तक यह मकान बनने का
[1:22:56] सिलसिला चलता था और बहन बिंदु बहन को कोई
[1:23:01] सेवार्थ कहते थे तो बिंदु बहन हमेशा बहन
[1:23:07] अभी बस यह मकान बन जाने दो।
[1:23:10] यह लाइट हाउस तैयार हो जाने दो। फिर आप
[1:23:14] जहां जैसे जो सेवा कहेंगे मैं सेवा के लिए
[1:23:18] सदा हाजिर रहूंगी। तो ऐसे सेवा में सदा
[1:23:23] तत्पर और बहुत स्नेह प्यार से बाबा के
[1:23:27] प्रति असीम अटूट प्यार और वही भावना वह
[1:23:31] सबके अंदर भरती रहती। ऐसी प्यारी बिंदु
[1:23:34] बहन का भी हम तहे दिल से स्वागत स्वागत
[1:23:37] करते हैं। [प्रशंसा]
[1:23:39] और सचमुच जैसे बहन के लिए उन्होंने कहा कि
[1:23:43] हर एक चीज जब वो बहन का देखती थी तो बहन
[1:23:46] को कहती थी बहन यह चीज मैंने आपसे सीखी
[1:23:49] है। यह चीज मैंने आपसे सीखी है और सीख-सीख
[1:23:53] के वो भी एक बहुत बड़ी कलाकार बन गई है।
[1:23:59] तो दिव्या बहन का स्नेहिल सहयोग हर पल साथ
[1:24:03] निभाता रहा। सेवा की इस पावन राह में
[1:24:07] प्रेम का दीप जलाता रहा। मुझे लगता है आज
[1:24:11] बहन को वो 46 वर्ष पुराना इतिहास याद आ
[1:24:15] रहा होगा। बहन याद आ रहा है। कितना याद आ
[1:24:20] रहा है?
[1:24:22] इतना सारा याद आ रहा है। हां।
[1:24:25] और जैसे बिंदु बहन ने कहा हम 10 बहने तो
[1:24:30] सच में छोटा फ्लैट था। हम 101 बहने हम आपस
[1:24:33] में टकराते रहते थे।
[1:24:36] लेकिन सेवा करने में भी बड़ा मजा आता था।
[1:24:39] हां। तो बाबा ने आज उसी स्थान को कितना
[1:24:42] सुंदर और भरपूर बना दिया। तो बहन को भी 46
[1:24:47] वर्ष पुराना इतिहास याद आ रहा होगा कि जब
[1:24:50] बोरीवली में बहन ने ईश्वरीय सेवा की नीव
[1:24:53] डाली थी। आज वो सेवा स्थान लाइट हाउस बनकर
[1:24:57] जगमगा रहा है। लाइट हाउस बनकर जगमगा रहा
[1:25:01] है। बहन आपके शब्दों से आज तो अनुभव की
[1:25:06] गहराई मिलेगी। बहन आपके शब्दों से आज तो
[1:25:11] अनुभव की गहराई मिलेगी। आपकी वाणी से
[1:25:14] प्रेरणा की रोशनी मिलेगी। आपकी वाणी से
[1:25:18] प्रेरणा की रोशनी मिलेगी। आपके आशीर्वाद
[1:25:21] से हर संकल्प साकार होगा और यह लाइट हाउस
[1:25:25] सेवा के पथ पर सदा अग्रसर होगा। सदा
[1:25:28] अग्रसर होगा। [प्रशंसा] तो बहन के
[1:25:32] आशीर्वचन हम सुनेंगे।
[1:25:39] ओम शांति।
[1:25:43] आज बड़ा हर्ष हो रहा है
[1:25:48] कि संतोष दीदी इतनी व्यस्त है। कल रात को
[1:25:54] नासिक से पहुंचे हैं और आज सुबह में हमारे
[1:25:58] बीच है। और परसों आबू में होंगे। कल माउंट
[1:26:03] आबू जा रखे हैं। इस ऐज में भी हां? कल ही
[1:26:08] पहुंचेंगे। वही कहा कि कल कल ही आबू में
[1:26:11] पहुंचेंगे।
[1:26:13] तो इतनी एज में इतनी
[1:26:16] व्यस्तता और इतनी हिम्मत और इस पुराने तन
[1:26:21] को चलाना
[1:26:23] शुक्रिया बाबा शुक्रिया संतोष देवी को
[1:26:30] और जो अभी लाइट हाउस बाबा का घर बना है।
[1:26:38] जो इतिहास की बात करें तो
[1:26:42] यहां भी विंग में सेकंड फ्लोर वन बेडरूम
[1:26:45] किचन और टू बेडरूम किचन इतना ही था और
[1:26:49] मेरे साथ बहुत पुरानी दादी कला दादी रहती
[1:26:53] थी। पहले मैं उनके साथ गोरेगांव में थी।
[1:26:57] फिर बोरीवली में सेंटर हुआ तो मैं वहां आई
[1:27:03] और उनका बहुत प्यार था मेरे से। जब वह
[1:27:07] बीमार हुई तो कहा कि तू जहां रहती है वहां
[1:27:10] मैं रहूंगी। तो बोरीवली में आए।
[1:27:15] लेकिन बेडरूम तो हमारे पास एक ही था छोटा
[1:27:18] सा। क्योंकि एक फ्लैट को हॉल बना दिया था।
[1:27:23] दूसरे फ्लैट के दो रूम थे। उसमें एक बाबा
[1:27:25] का कमरा और विजिटिंग रूम और एक किचन और एक
[1:27:29] कमरा था। वह भी फ्लैट के आप समझते हैं
[1:27:33] छोटे-छोटे कमरे
[1:27:35] और दादी के संभाल के लिए हमारी लक्ष्मी
[1:27:39] बहन वो उनके साथ रहती थी। तो एक बेडरूम के
[1:27:44] अंदर ही और बाकी हम सब बहनें वहां रहती
[1:27:47] थी। तो क्या करते थे? रात को हॉल के अंदर
[1:27:52] गद्दी डाल के सो जाते थे और 6:00 बजे तो
[1:27:56] क्लास शुरू होता था तो 5:30 से आने की
[1:28:00] शुरुआत होती थी। अमृत वेले से उठ के तैयार
[1:28:03] होके और फिर दोपहर में भी वहां सो जाओ।
[1:28:08] शाम को 4:00 बजे से घंटियां बजती थी। इस
[1:28:12] तरह से वहां उस स्थान पर दूध वाला आता था।
[1:28:17] संतोष बेहद कर [हंसी]
[1:28:20] अलग-अलग लोग तो इसी तरह से वहां पर तभी तो
[1:28:25] ऊपर का थर्ड फ्लोर का भी फ्लैट नहीं था।
[1:28:28] उतने में ही समावेश
[1:28:30] और बाबा की कमाल जो दीदी ने कहा बाजू में
[1:28:34] गार्डन वहां छतरी वाला मेला किया था।
[1:28:38] झोपड़ियां बनाए ना ऐसी और उसमें से इतना
[1:28:42] अच्छा वो मेले का रिजल्ट था कि 1000 लोग
[1:28:47] वहां शिविर करते थे। अभी शिविर पूरी हुई
[1:28:50] तो भी आते ही थे तो हमने सोचा कहां करें?
[1:28:55] छोटा हॉल था 80 90 नीचे पट में बैठ जाए।
[1:29:00] एक मास तक वो ग्राउंड हमने फिर से किराए
[1:29:03] पर लिया और वहां पर यह शिविर चलती रही और
[1:29:09] बाबू भाई को याद है कि वह मेला पूरा होना
[1:29:12] था। एकद दिन और छुट्टी आई तो हमने मेला
[1:29:15] बढ़ा दिया। शायद बाबू भाई के कारण बढ़ा
[1:29:18] हो। तो उस दिन में बाबू भाई वहां मेले में
[1:29:22] आए और फिर उन्होंने भी शिविर की वहां
[1:29:26] शुरुआत शिविर करना। रश्मि बहन ने शिविर
[1:29:29] कराई थी। याद करते थे बाबू भाई और फिर सोच
[1:29:34] रहे थे कि अभी इतनी संख्या है हॉल में तो
[1:29:36] आएगी नहीं। क्या करें? तो डॉक्टर गिरीश
[1:29:39] भाई ने एक अच्छा आईडिया दिया हमको कि बहन
[1:29:42] शिफ्ट में यह चलती है ना फैक्ट्री तो हम
[1:29:46] भी यह शिफ्ट में क्लास कर डाले तो फिर 6
[1:29:49] से 7 सवा5 से सवा5 फिर 8:30 से 8 9:30 शाम
[1:29:55] को फिर चार से फिर रात्रि को ऐसे करके
[1:29:59] शिफ्ट में क्लास करके वहां एडजस्ट किया और
[1:30:04] भाई बहने भी कहां-कहां किस कमरे में बैठकर
[1:30:07] करके लगन है परमात्मा के प्रति और कुर्सी
[1:30:12] जो बिंदु बहन ने कहा ना कुर्सी का तो नाम
[1:30:15] ही नहीं था हॉल में सब पट में बैठते थे
[1:30:18] मुझे याद आता है अशोक भाई ने कोर्स किया
[1:30:22] उसके बाद क्लास में वो साउंड वाला बैठता
[1:30:25] था ना वहां पट में आकर के ना दो घुटने पर
[1:30:30] ऐसे करके क्लास में बैठते थे तो वह भी एक
[1:30:35] दिन थे लेकिन वह भी बड़े
[1:30:37] प्यारे दिन थे और बाबा देखता है कि सेवा
[1:30:42] होती है तो बाबा धीरेधीरे स्थान भी क्या
[1:30:46] करता है बड़ा करता है और जो कहा कि ऊपर का
[1:30:51] फ्लैट लिया तो वहां 10 बेड हम थे एक कमरे
[1:30:56] में कितने रहते थे उनको तैयार होना होता
[1:30:59] था तो तीन बेड तो नीचे खड़े रहने की जगह
[1:31:03] नहीं ये लोग पलंग पर चढ़ के तैयार होते थे
[1:31:07] [हंसी]
[1:31:08] तो यह सब चीजें होती है लेकिन बाबा से
[1:31:12] प्यार होता है। बाबा देखता है और बाबा मदद
[1:31:18] भी करता है और हम सब जानते हैं कि कार्य
[1:31:23] उसका है और बढ़ने वाला है वह भी बता ही
[1:31:27] दिया है ना तो कार्य बढ़ेगा तो फिर क्या
[1:31:32] होगा भाई बहने भी बढ़ेंगे तो खुद भगवान
[1:31:36] स्थान भी क्या करेगा बड़ा संतोष दीदी को
[1:31:41] याद है कि एक मधुबन सिवाय इतना बड़ा स्थान
[1:31:43] कहीं नहीं होता था। लेकिन अभी इंडिया में
[1:31:48] दीदी तो चक्कर लगाती है जगहजगह रिट्रीज
[1:31:51] सेंटर बड़े-बड़े कितने कितने एकड़ों में
[1:31:55] बाबा के घर है बन रहे हैं आने वाले समय के
[1:32:00] लिए बाबा यह सब तैयारियां
[1:32:04] करवा रहा है और संगीता बहन ने कहा कि
[1:32:10] बिंदु बहन को भी अच्छा मकान बनाने का
[1:32:12] एक्सपीरियंस हो गया है ना बिंदु बहन
[1:32:16] इसलिए मुझे बड़ी खुशी हुई क्योंकि अभी
[1:32:19] शांतिव बनेगा तो मैं निश्चिंत होगा
[1:32:23] क्योंकि यह सारी बहनें अभी तैयार हो गई है
[1:32:27] तो यह लोग संभालेंगे
[1:32:29] और मैं वहां पर ऐसे ध्यान करूंगी योग
[1:32:33] करूंगी तो यह सारी अनुभवी बहने अनुभवी
[1:32:39] हैंड्स बाबा ने दिए हैं और बाबा अपना
[1:32:44] कार्य करवा रहा है। इसलिए वह लीला देखते
[1:32:49] रहने का ईश्वर की। मैं पिक्चर देखती रहती
[1:32:52] हूं। मना किया है लेकिन बिना पर्दे में
[1:32:55] देखती रहती हूं उसकी लीला को कि कैसे वो
[1:33:00] कार्य है, करता है और करवाता है। और
[1:33:03] पिक्चर देखने में बड़ा मजा आता है। है ना?
[1:33:07] बहुत खुशी होती है कि बाबा कैसे कार्य है
[1:33:11] करवा रहा है। तो बाबा के इसी समय पर एक
[1:33:15] बारी अशोक भाई से मैंने बात की थी। अभी
[1:33:18] भलाड में बना भवन वसई में बना। जोगेश्वरी
[1:33:23] बेबी नया सेंटर ले रहे हैं। कांदीबली में
[1:33:28] ले रहे हैं। दसर के अंदर बाबा ने बड़ा राम
[1:33:32] भाई बैठे हैं। बड़ा हॉल और वहां पर खड़े
[1:33:36] हो जाओ राम भाई। हां तो बड़ा हॉल और
[1:33:39] इंडिपेंडेंट बाबा का बंगलो बन रहा है। तो
[1:33:43] वह कार्य भी चालू है और वह भी ओपनिंग के
[1:33:47] लिए आप सबको आमंत्रित कर रहे हैं। है ना?
[1:33:50] हां दीदी को उसके अलावा भी कितने स्थान
[1:33:54] तैयार हो रखे हैं। तो मैंने अशोक भाई को
[1:33:59] कहा कि भाई आपके कितने प्रोजेक्ट चलते
[1:34:02] हैं? मेरे भी मैंने कहा छह प्रोजेक्ट मकान
[1:34:05] के चल रहे हैं। क्योंकि बिल्डर भाई मिला
[1:34:09] ना तो फिर मेरे प्रोजेक्ट भी बढ़ गए। उसके
[1:34:13] पहले तो कोई नहीं बन रहा था। अभी छह छह
[1:34:16] जगह पर मैंने कहा हमारे भी प्रोजेक्ट बाबा
[1:34:20] के चल रहे हैं। तो बाबा कितना अनुभवी हर
[1:34:24] चीज से हमें बनाता है और हमारी सारी
[1:34:29] भुजाएं आज देवी है ना सारी भुजाएं बहुत
[1:34:32] मजबूत है और हमारे चांद भाई हरीश भाई
[1:34:36] संगीत की लहर फैलाने वाले वो भी हमारी
[1:34:41] बड़ी अच्छी सशक्त भुजाएं हैं। सबके सहयोग
[1:34:46] से दीदी ने कहा सुखमय संसार ये एक व्यक्ति
[1:34:50] का कार्य नहीं है। एक ऊपर वाले की ताकत
[1:34:55] है। वह नीचे कार्य करवा रही है। इसलिए
[1:35:00] बाबा को भी बहुत-बहुत थैंक्स और सेवा तो
[1:35:06] सबकी शुभभावनाएं कामना से और लोगों की अभी
[1:35:11] आवश्यकता है। बाबा ने कहा हुआ है कि क्यों
[1:35:16] हर जगह पर लगने वाली है और इसीलिए हर जगह
[1:35:20] पर सेवा केंद्र हैं। वह बड़े-बड़े होते
[1:35:24] रहते हैं। नए-नए खुलते रहते हैं। दीदी
[1:35:29] बॉम्बे में कितने सेंटर हैं?
[1:35:34] 200 से ऊपर बॉम्बे में सेंटर्स हैं।
[1:35:39] पहले चार सेंटर थे। अभी 200 है तो ऐसे
[1:35:44] बाबा की लीला को देखते रहो हर्षित रहो खुश
[1:35:48] रहो आबाद रहो ओम शांति
[1:35:53] एक बात कहना चाहूंगा
[1:35:56] जैसे आप ट्रेन ले आबू आए थे
[1:35:58] तो आपका शांतिव जब बन जाएगा तो हम यहां से
[1:36:01] मधुबन से ट्रेन ले
[1:36:03] हां बहुत ही सुंदर बात कही बड़ी बात यहां
[1:36:07] से स्पेशल ट्रेन लेके बाबू भाई को पता
[1:36:11] होगा स्पेशल ट्रेन 1200 लोगों नॉन बीके को
[1:36:16] शिविर के लिए स्पेशल ट्रेन ले गए थे।
[1:36:19] सोमशेखर भाई को अब पता होगा कि तीन दिन
[1:36:22] वहां खड़ी थी। तो दादी कहती थी आबू बालों
[1:36:25] को अरे जाके देखो स्पेशल ट्रेन आई है।
[1:36:29] पहली बार थी ना दादी ने निर्वर भाई को भी
[1:36:32] भेजा। देखो देखो कैसे सारे शिविरार्थी आए
[1:36:36] हैं। तो कहां गए? हर्षिल भाई खड़े हो जाओ
[1:36:40] निमंत्रण दो भाई आबू से ट्रेन लेकर के
[1:36:44] आएंगे श्याम वहां सुंदरवन के अंदर सुंदरवन
[1:36:49] के लिए वेलकम अभी से ही सबको
[1:36:53] वहां भी एक स्टेशन बनाना पड़ेगा [हंसी]
[1:36:56] स्टेशन तैयार है
[1:36:58] हां मीरा रोड हाईवे पर ही है हां
[1:37:02] हर्षिल भाई दर्शन करा दीजिए
[1:37:04] हाथ हिलाओ
[1:37:07] [प्रशंसा]
[1:37:10] तो सचमुच इतिहास सुनते सुनते अतीत में चले
[1:37:14] गए थे ना जो जो पुराने भाई बहने हैं उनको
[1:37:17] याद आया होगा सब याद आया याद आया
[1:37:22] सुनाई नहीं दे रहा है हां
[1:37:26] जब ये प्रभुपन बना ना तो बहन कहती थी बस
[1:37:31] अब मैं ना गुफा में जाकर अंदर बैठ जाऊंगी
[1:37:35] पर देवी ने गुफा गुफा में बैठ के इतनी
[1:37:37] तपस्या की
[1:37:40] कि उनको एक विशाल रिटेड सेंटर बनाने की
[1:37:43] बाबा ने इतनी विशाल जमीन दे दी
[1:37:47] तो बाबा बहन की तपस्या को देखकर कितना खुश
[1:37:52] हो गया था है ना तो वो अतीत की बातें
[1:37:55] बिंदु बहन जैसे हमेशा कहती है बोरीवली
[1:37:58] वेस्ट सेंटर पांडव भवन प्रभुवन ज्ञान
[1:38:01] सरोवर और अब बनेगा
[1:38:05] शांतिवन
[1:38:06] और बनाने के लिए टीम भी बैठी हुई है
[1:38:08] तैयार।
[1:38:14] तो जैसे हमने
[1:38:16] सोनी ग्रुप के द्वारा सुंदर नृत्य की
[1:38:20] प्रस्तुति देखी थी।
[1:38:22] अब वो ग्रुप कहता है कि कुमारियों ने तो
[1:38:25] इतनी सुंदर प्रस्तुति दी। क्या हम कुमार
[1:38:29] भी पीछे हो सकते हैं?
[1:38:32] तो यह कुमार
[1:38:35] अपने बड़े मधुर भावों से भरे गीत द्वारा
[1:38:39] एक नृत्य की प्रस्तुति करने जा रहे हैं।
[1:38:43] मोती वैराना चौक मां आव्या अंबे मां अंबे
[1:38:48] मां तो ऐसे स्वागत में सत्कार में जैसे
[1:38:54] अपने दिल के भाव को बिखेर रहे हैं।
[1:38:57] मोतियों को बिखेर रहे हैं और ऐसे सुंदर
[1:39:00] भाव लेकर आ रहे हैं। जोरदार तालियां हो
[1:39:03] जाए उस ग्रुप के लिए। [संगीत]
[1:39:11] [संगीत]
[1:39:19] [संगीत]
[1:39:26] [संगीत]
[1:39:43] [संगीत]
[1:39:51] [संगीत]
[1:40:07] [संगीत]
[1:40:08] करते
[1:40:14] [संगीत]
[1:40:20] [संगीत]
[1:40:28] [संगीत]
[1:40:28] मारी
[1:40:34] जो [संगीत]
[1:40:38] जग
[1:40:40] आया
[1:40:44] [संगीत]
[1:40:47] मोबा
[1:40:49] [संगीत]
[1:40:52] मां जगमग खाए रे आंबे मां
[1:40:58] उड़ा ओ लाल गुलाल के आंबे मां जोगमा जगमग
[1:41:05] था रे आंबे
[1:41:13] [संगीत]
[1:41:16] हे
[1:41:21] हे मने रमता कोई हर खाऊं हे मने रमता कोई
[1:41:26] हर खाऊं [संगीत]
[1:41:29] उमंगनी छोड़ो पिछड़े से हर माने बधाऊं हे
[1:41:34] माने लाख लाखड़े बधाऊं हे मने
[1:41:38] [संगीत]
[1:41:38] लाख लाखड़े बधा
[1:41:42] जातो
[1:41:46] जाना
[1:41:49] [संगीत]
[1:41:49] चौक मा आव अंबे मां जोगमा जगमग
[1:41:55] रे आंबे मा
[1:42:02] मोती राणा चौक मा आव [संगीत] अंबे मा चौक
[1:42:07] मा जगमग
[1:42:09] रे आ अंबे [संगीत] मां
[1:42:13] ओ मेरी चुंदड़ी लाल लाल रे आ अंबे मां
[1:42:18] चोकमा जगमग [संगीत] खाए
[1:42:21] आंबे मां
[1:42:25] अक्षत फूल रे बरे आंबे मां चोकमा जगमग
[1:42:32] हे मारी अंबे मां [संगीत]
[1:42:35] हे मारी अंबे मां
[1:42:38] हे मारी अंबे मां
[1:42:41] हे मारी अंबे मां
[1:42:48] [संगीत]
[1:42:51] वाओ
[1:42:53] कैसी लगी आपको ये प्रस्तुति
[1:42:58] तो वंस मोर नहीं कहा
[1:43:04] हमारे दोनों भाई जिगर भाई और सुहरद भाई
[1:43:10] जो सोनी ग्रुप के लीडर
[1:43:14] जिगर भाई ने जिगर लगा दिया स्वर्ध भाई ने
[1:43:17] हृदय से
[1:43:19] महफिल को सजा दिया। जो बहनों का देखा था
[1:43:23] यह भाइयों की प्रस्तुति दोनों के ही
[1:43:26] कोरियोग्राफर ये सोनी ब्रदर्स जोरदार
[1:43:29] तालियां दोनों भाइयों के लिए
[1:43:33] और
[1:43:34] दोनों ही भाइयों का सम्मान किया जा रहा है
[1:43:39] और सभी ग्रुप से भी अनुरोध है मंच पर
[1:43:41] रहें।
[1:43:44] दीदी जिगर भाई सुहर भाई का शॉल पहना के
[1:43:49] सम्मान कर रहे हैं
[1:43:53] श्रीफल के द्वारा
[1:43:57] और मोमेंटो प्रदान कर रहे हैं
[1:44:11] दोनों ही भाइयों यों का परम स्नेह
[1:44:16] परमात्मा के इस घर से इस सेवा से और अपनी
[1:44:21] सेवा को उन्होंने कितने सुंदर तरीके से
[1:44:25] संवार दिया।
[1:44:29] सभी कलाकारों को दीदी
[1:44:33] बाबा के घर की सौगात दे रहे हैं।
[1:44:39] अगर वो डांस कर सकते हैं तो क्या हम
[1:44:46] तालियों का सहयोग नहीं दे सकते हैं? क्या
[1:44:50] उनका उमंग उत्साह नहीं बढ़ा सकते हैं?
[1:44:55] जितनी बजाओगे ताली उतनी अच्छी भूख लगेगी
[1:45:02] और उतना ही स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
[1:45:08] अगर तन मन ठीक रखना चाहते हैं
[1:45:14] तो कमजोर नहीं पड़ना
[1:45:18] और साथ देते रहना।
[1:45:39] इन सभी कलाकारों को देखकर लग रहा है कि
[1:45:42] नवरात्रि अभी भी चालू है।
[1:45:46] देवी मां प्रसन्न है।
[1:45:58] [प्रशंसा]
[1:46:03] [हौसला बढ़ाने की आवाज़]
[1:46:05] यह है सच्चा प्यार
[1:46:10] और सभी के चेहरे
[1:46:13] सेवा करके कितने
[1:46:15] खुश हो रहे हैं। प्रसन्नित हो रहे हैं।
[1:46:24] जैसे आज
[1:46:26] और रौनक बढ़ गई।
[1:46:41] देखिए हमारे भाई का प्यार
[1:46:44] दो देवियों के बीच विराजित है तो शक्ति
[1:46:47] क्यों नहीं मिलेगी?
[1:46:51] मां जगदंबा और मां दुर्गा के बीच विराजित
[1:46:54] हो तो क्यों नहीं शक्ति मिलेगी?
[1:47:08] तो चले
[1:47:13] अनुभवों की खान में चलते हैं। अभी
[1:47:16] और खदान में से खुद कुछ खोद करके लाते
[1:47:20] हैं।
[1:47:22] काफी समय से साक्षात्कार मूर्त
[1:47:26] हमारी ये चैतन्य मूर्ति
[1:47:30] मां जगदंबा
[1:47:33] आदरणीय संतोष दीदी
[1:47:37] अपनी शक्तिशाली दृष्टि से
[1:47:41] हम सभी के अंदर भी शक्ति का संचार कर रही
[1:47:45] हैं।
[1:47:47] लाइट हाउस बनकर
[1:47:50] सारे विश्व में
[1:47:54] रोशनी फैला रही हैं।
[1:47:57] दीदी तो अनुभवों की खान है।
[1:48:01] बाबा का आपको विशेष वरदान है।
[1:48:05] मुंबई महाराष्ट्र, आंध्रा जैसे विशाल जोन
[1:48:09] को संभालने वाली दीदी आप तो सचमुच महान
[1:48:14] है, सचमुच महान है, सचमुच महान है।
[1:48:20] आपने सुना कि मुंबई में ही 200 सेंटर्स तो
[1:48:24] आंध्रा और पूरे महाराष्ट्र में कितने
[1:48:27] सेंटर्स हैं। आज इस उम्र में भी दीदी सारे
[1:48:31] ही सेंटर्स के समय प्रति समय चक्र लगाती
[1:48:35] रहती है और अपनी शक्तियां बाबा की
[1:48:38] शक्तियां बाबा के वरदान सभी को अनुभव
[1:48:42] कराती रहती है। साकार बाबा की पालना ली।
[1:48:46] ऐसी प्यारी दीदी आपका आगमन हमारे लिए
[1:48:51] सौभाग्य की घड़ी है। आपकी उपस्थिति हमारे
[1:48:55] लिए शुभ ऊर्जा की लड़ी है। शुभ ऊर्जा की
[1:48:59] लड़ी है।
[1:49:03] तो अनुभवों की खान से चलो कुछ अनुभव के
[1:49:07] मोती सुने।
[1:49:13] ओम शांति।
[1:49:18] हम किसी को नहीं संभालते हैं। बाबा ही
[1:49:22] हमको संभालते हैं।
[1:49:25] मनुष्य में क्या ताकत है किसको समझा
[1:49:27] संभालने की?
[1:49:35] ईश्वर में और मनुष्य में यह महान अंतर है।
[1:49:40] आपको कोई भी व्यक्ति अगर कोई काम देगा
[1:49:44] तो आर्डर कर दो। यह कर देगा कि यह काम कर
[1:49:47] डालो।
[1:49:49] परंतु बाबा जिस समय कोई भी किसी भी बच्चे
[1:49:53] को
[1:49:55] कोई भी ड्यूटी देता है
[1:49:59] तो उस ड्यूटी के साथ साथ शक्ति भी देता है
[1:50:02] और युक्ति भी बताता है।
[1:50:05] बाबा करण करावनहार स्वामी है।
[1:50:09] करता सब कुछ बाबा है।
[1:50:13] परंतु नाम बच्चों का सामने रखता है।
[1:50:18] भगवान होने के कारण वो निष्काम सेवाधारी
[1:50:21] है।
[1:50:23] उसको किसी भी प्रकार की कोई भी कामना
[1:50:26] नहीं।
[1:50:28] इसीलिए लोग उसको नाम रूप से न्यारा समझते
[1:50:31] हैं। करता सब कुछ है। फिर कहते उसका नाम
[1:50:34] रूप ही नहीं। क्योंकि वह कभी अपना नाम
[1:50:38] लेता ही नहीं है। जिसके कारण सब उसको नाम
[1:50:42] रूप से न्यारा कहते हैं।
[1:50:45] बाकी बाबा की जो सेवाएं हैं है बाबा की
[1:50:48] सेवाएं
[1:50:50] तो बाबा खुद ही करता है।
[1:50:53] जैसे हमेशा [गला साफ़ करने की आवाज़]
[1:50:56] मम्मा हमें याद दिलाती थी कि हुक्म ही
[1:51:00] हुक्म चलाए राम।
[1:51:02] बाबा जो है वह हुकुम चलाता है
[1:51:06] और हम जो भी कठपुतलियां है वह नाचती रहती
[1:51:10] है।
[1:51:11] जैसी कठपुतली की डोर पकड़ के कठपुतली को
[1:51:16] नचाता है। नचाने [गला साफ़ करने की आवाज़]
[1:51:18] वाला
[1:51:20] वैसा बच्चों को नचाता रहता है। भगाता रहता
[1:51:23] है
[1:51:25] और उनके द्वारा
[1:51:27] अपना कार्य कराता रहता है।
[1:51:31] अगर वह नहीं चाहे
[1:51:33] कि हमारे को इनसे कार्य नहीं कराना है तो
[1:51:37] एक सेकंड में खटिया पर सुला सकता है।
[1:51:41] परंतु जिनसे बाबा को कार्य कराना है
[1:51:45] उनको बाबा जरूर शक्ति देता है।
[1:51:49] तो यह मनुष्य की शक्ति नहीं होती है। यह
[1:51:53] ईश्वरीय शक्ति होती है।
[1:51:56] एक बारी ऐसा ही अव्यक्त बाप दादा माउंट
[1:52:00] आबू में पहले
[1:52:03] ओम शांति भवन में आते थे तो ओम शांति भवन
[1:52:08] में जब मुरली पूरी हुई
[1:52:13] तो हम पुरानी पुरानी बहने बाबा के सामने
[1:52:15] बैठी थी
[1:52:18] तो हम लोगों को स्टेज पर बाबा ने बुलाया
[1:52:22] बाबा ने कहा बच्चे
[1:52:25] पहला पुर जो था
[1:52:28] उन्होंने आज तक और अंत तक भी करेंगे
[1:52:33] पर उन्होंने सेवाओं को इतना बढ़ाया,
[1:52:37] इतनी मेहनत किया और बाबा के कार्य को
[1:52:41] संभाल रहे हैं।
[1:52:43] अभी आप लोग तैयार हो गए हैं।
[1:52:47] अभी आगे आप लोगों को यह कार्य करना है।
[1:52:51] हम चार या पांच बहने थी अलग-अलग स्थान की।
[1:52:56] बाबा का चेहरा देख रही थी। चुप कर।
[1:53:00] बाबा ने कहा
[1:53:03] तुम जाओ जाकर सबको बाबा की वासना दो।
[1:53:08] बाकी तुम्हारी तबीयत बाबा संभालेगा।
[1:53:12] तुमको फिकर नहीं करनी है।
[1:53:16] और हमने देखा तब से ले
[1:53:19] बाबा का हमें ऐसा वरदान मिला
[1:53:23] जो हमको संभालना नहीं पड़ता है। तबीयत को
[1:53:26] बाबा संभालता है। कैसा कार्य कराता है,
[1:53:30] कैसा नचाता है, मालूम ही नहीं पड़ता है।
[1:53:33] उसका काम वही जानता है और कोई नहीं जानता
[1:53:36] है।
[1:53:38] तो इसीलिए
[1:53:41] हमें
[1:53:43] हमेशा
[1:53:45] निस्वार्थ होकर के सेवा को आगे बढ़ाते
[1:53:48] जाना है।
[1:53:50] सेवाएं करते जाना है।
[1:53:53] कभी-कभी मुझे ऐसा संकल्प आता है
[1:53:57] क्योंकि हमारी बहुत सारी ऐसी बड़ी-बड़ी
[1:54:01] साथी बहने चली गई हैं। तो मैं कभी सोचती
[1:54:05] हूं बाबा ने मेरे को क्यों रखा?
[1:54:09] तो बाबा ने इसीलिए रखा है कि तुम्हारे को
[1:54:13] कार्य करना है। तो जब बाबा ने कार्य करने
[1:54:17] के लिए रखा है
[1:54:19] तो हमें भी वही उमंग उत्साह और लक्ष्य
[1:54:22] रखकर के बाबा के कार्य को परिपूर्ण करने
[1:54:26] की पूरी लक्ष्य रखकर के आगे चलते रहना है।
[1:54:31] जिससे हमें भी बहुत बहुत प्राप्तियां होती
[1:54:34] है। सामने वालों को सिर्फ होती है। ऐसा
[1:54:37] नहीं हमें पहले तो हमारा कल्याण होता है।
[1:54:41] हमारे हमारी झोली भरती है और पीछे फिर
[1:54:44] दूसरों को भी उसका फायदा होता है। और
[1:54:48] हमेशा हमें यह ध्यान देना चाहिए। हम सब
[1:54:52] गॉडली स्टूडेंट हैं। बाबा हमें जो पढ़ाई
[1:54:56] पढ़ाता है, हमारा पढ़ाई के ऊपर पूरा पूरा
[1:55:00] ध्यान होना चाहिए। अगर हमारा पढ़ाई के ऊपर
[1:55:04] पूरा ध्यान है,
[1:55:07] तो हमारी जो अवस्था है वह हर परिस्थिति
[1:55:11] में एक रस रह सकती है।
[1:55:15] बाबा पढ़ाई तो पढ़ाता है परंतु वह हमारा
[1:55:19] सुप्रीम टीचर होने के कारण
[1:55:22] हमारे को बाबा होमवर्क भी देता है। आप
[1:55:26] लोगों को याद होगा लास्ट भी दिया बाबा ने
[1:55:29] होमवर्क और हमेशा बाबा होमवर्क देता था।
[1:55:34] हमको ख्याल आता है बराबर बाबा 151 दिन के
[1:55:39] बाद आते थे और नएए होमवर्क देते
[1:55:43] और फिर करने वाले करते थे अलबेले जो होते
[1:55:47] थे वह एक कान से छोड़ के दूसरे कान से
[1:55:50] निकालते थे
[1:55:52] तो एक दिन ऐसा ही बाबा फिर दूसरी बारी आता
[1:55:55] था तो पूछता नहीं था
[1:55:57] अभी जिन्होंने नहीं किया हुआ होता था वह
[1:56:00] बड़े खुश होते थे वो कहते थे देखा अरे
[1:56:04] बाबा को भूल गया। बोल तो दिया पर बाबा को
[1:56:07] भूल गया।
[1:56:09] फिर बाबा भी शायद सुनता रहा। उनकी भावनाएं
[1:56:12] पहुंचती रही। फिर एक दिन अव्यक्त बाप दादा
[1:56:15] ने कहा
[1:56:17] बाबा आप बच्चों को होमवर्क देता है और आप
[1:56:22] बाबा ने जो होमवर्क दिया है
[1:56:25] [गला साफ़ करने की आवाज़]
[1:56:26] अगर आप बाबा के महावाक्यों को प्रैक्टिकल
[1:56:30] में लाते हैं होमवर्क करते हैं तो एक तो
[1:56:34] आपको आज्ञाकारी का सर्टिफिकेट मिलता है।
[1:56:39] दूसरा आप जब होमवर्क करते हैं
[1:56:42] तो बाबा आपको उस समय शक्ति भी देता है,
[1:56:46] मदद करता है और अगर वही कार्य आप बाद में
[1:56:50] करते हैं तो जैसा बासी रोटी खाने से पेट
[1:56:54] भरता है पर शक्ति नहीं आती है वैसी बात हो
[1:56:57] जाती। इसीलिए बाबा ने जिस समय हमें जो काम
[1:57:01] दिया वही तो हमको करना चाहिए। और बाबा ने
[1:57:05] कहा कोई कोई बच्चे ऐसा समझते हैं
[1:57:09] कि बाबा होमवर्क देकर चला जाता है और बाबा
[1:57:12] भूल जाता है।
[1:57:14] मनुष्य अल्पग बुद्धि है। भगवान तो सर्व
[1:57:17] है। वो कैसा भूल सकता है?
[1:57:20] बाबा को मालूम है बहुत सारे बच्चे होमवर्क
[1:57:25] नहीं करते हैं और बाबा कभी भी बच्चों का
[1:57:30] इंसल्ट करना नहीं चाहता
[1:57:33] बाबा पूछे और आपका कांड नीचे हो जावे तो
[1:57:36] आपकी इंसल्ट है इसीलिए आपकी इंसल्ट नहीं
[1:57:40] होवे इसीलिए बाबा ने पूछता है देखो बाबा
[1:57:44] की कितनी बड़ी महानता है जो हम बच्चों को
[1:57:48] आगे बढ़ाने के कितनी प्रेरणाएं देता है।
[1:57:52] अभी लास्ट आज संडे है। बाबा ने 15 दिन
[1:57:56] पहले हम लोगों को बोला था
[1:58:00] हर संडे को जैसा छुट्टी मनाते हैं लोग
[1:58:04] वैसा ही आप हर संडे को अपनी कोई ना कोई जो
[1:58:08] कमजोरी है उसको छुट्टी करो। आप यह आदत
[1:58:13] डालो। एक एक कमी
[1:58:16] छोड़ने की आदत डालेंगे। सारा दिन अटेंशन
[1:58:19] देंगे तो धीरे-धीरे आपकी कमियां छूटती
[1:58:22] जाएगी। सतगुरुवार के दिन सतगुरु से वरदान
[1:58:28] मिलता है तो कोई ना कोई वरदान याद कर लो
[1:58:31] सतगुरुवार के दिन और उसको स्मृति में रख
[1:58:35] के उसको प्रैक्टिकल में लाते रहो तो जल्दी
[1:58:39] से जल्दी आप बच्चे बाप समान बन जाएगी। तो
[1:58:43] आज वैसे भी दशहरा है तो दशहरे के दिन यह
[1:58:47] सभी हम मनाते तो हैं दशहरा सभी परंतु
[1:58:51] दशहरे का मतलब क्या है बाबा ने बताया आज
[1:58:54] की भी बाबा की बहुत सुंदर मुरली है कि
[1:58:58] रावण को सिर्फ मारते नहीं है उसको जलाते
[1:59:00] भी है नहीं तो वो फिर से खड़ा हो जाता है
[1:59:04] तो वैसा ही जो पुराने संस्कार है उसका
[1:59:08] योगा अग्नि में संस्कार कर डालो उसको खलास
[1:59:11] कर डालो डालो तो उसके ऊपर अटेंशन देने की
[1:59:15] आवश्यकता है और ज्वालामुखी योग की
[1:59:18] आवश्यकता है। सेवाएं तो होती रहती है और
[1:59:21] हमको करनी है। बाबा ने ब्राह्मणों को पैदा
[1:59:25] ही सेवा के लिए किया है। यह हमेशा आप याद
[1:59:28] रखो। हमारा जन्म ही सेवा के लिए है। सेवा
[1:59:32] करनी है। परंतु सेवा के पहले स्व कल्याण
[1:59:36] से विश्व कल्याण होता है। जितना जितना हम
[1:59:40] अपनी अवस्थाओं की तरफ ध्यान देते हैं तो
[1:59:44] सेवा जो है वह फलीभूत होती जाती है। उससे
[1:59:47] हमें खुशी मिलती है और सामने वालों को भी
[1:59:50] खुशी मिलती है। उससे शक्ति भी मिलती है और
[1:59:54] उसके साथसाथ खुशी भी मिलती है। तो सेवा यह
[1:59:58] प्रत्यक्ष फल देने वाला है। परंतु उसके
[2:00:01] पहले अपनी स्थिति को पावरफुल बनाने की
[2:00:05] बहुत-बत आवश्यकता है। बाकी आज इस लाइट
[2:00:09] हाउस का जो खास उद्घाटन हम सब ने मिलकर के
[2:00:14] किया तो अनेक आत्माएं आकर के यहां लाइट और
[2:00:17] माइट लेगी और अपने जीवन को ईश्वर हवाले
[2:00:22] करके ईश्वर को पहचान के अपना खोया हुआ जो
[2:00:26] स्वराज है उसको प्राप्त करेगी ज्यादा से
[2:00:30] ज्यादा आत्माएं आकर के इसमें फायदा लेगी
[2:00:33] और विशेष हम ब्राह्मण जो है हम ब्राह्मण
[2:00:37] ों को इससे ज्यादा फायदा लेना है। अपनी
[2:00:40] स्व उन्नति के लिए योग तपस्या ज्यादा से
[2:00:44] ज्यादा करके लाइट हाउस को लाइट हाउस ही
[2:00:47] बना के रखना है। लाइट का दो अर्थ होता है।
[2:00:51] एक लाइट का मतलब है प्रकाश रोशनी और दूसरा
[2:00:56] लाइट का मतलब है हल्का। तो हम सदैव हल्के
[2:01:00] रहे। डबल लाइट रहे। इस बात का ध्यान रखते
[2:01:04] हुए बाबा से माइट लेकर के इस लाइट हाउस को
[2:01:09] लाइट हाउस बना के रखना यह आप सभी का
[2:01:12] कर्तव्य है। आप सभी को बहुत सारी ढेर सारी
[2:01:16] मुबारक हो। ओम शांति।
[2:01:20] [प्रशंसा]
[2:01:22] [गला साफ़ करने की आवाज़]
[2:01:22] तो ऐसा लग रहा है जगदंबा से वरदान मिल गया
[2:01:25] है। है ना? और लाइट हाउस जरूर लाइट बन के
[2:01:30] सभी को लाइट रखेगा और सभी की लाइट से औरों
[2:01:34] को लाइट बना देगा। दीदी बहुत-बहुत
[2:01:37] शुक्रिया। बहुत-बहुत धन्यवाद आपका।
[2:01:41] हां हां हो जाए हो जाए हो जाए। जरूर
[2:01:47] सुबह से आप अपना
[2:01:51] वरदानी स्वरूप हमारे साथ रखे हुए हैं। और
[2:01:55] अब
[2:01:57] प्यारे बाबा को आह्वान करेंगे।
[2:02:01] बाबा को
[2:02:04] इस उद्घाटन के शुभ अवसर के निमित्त
[2:02:07] भोग स्वीकार कराएंगे।
[2:02:10] ब्रह्मा भोजन हम स्वीकार करें। उसके पहले
[2:02:14] क्यों ना बाबा का आह्वान करें तो बाबा को
[2:02:19] भोग स्वीकार कराते हैं।
[2:03:39] आनंद
[2:03:41] [गाना गाने की आवाज़]
[2:03:59] के [संगीत] प्रदाता
[2:04:02] हे स्नेह शक्ति दाता
[2:04:07] अव्यक्त [संगीत] बाप दादा
[2:04:12] सादर
[2:04:14] पधारिए [संगीत]
[2:04:16] मंजुल मधुर निमंत्रण [संगीत]
[2:04:21] अंतः करण से कण कण
[2:04:26] प्रभु आप को बुला
[2:04:28] [संगीत][गाना गाने की आवाज़] दाता
[2:04:30] सादर
[2:04:32] पधारिए
[2:04:35] सादर
[2:04:37] पधारिए
[2:04:45] [संगीत]
[2:04:49] बिछड़े हैं कल्प [संगीत] भर के
[2:04:53] प्यासे मिलन [गाना गाने की आवाज़]
[2:04:55] के कब से
[2:04:58] बच्चे बुला रहे हैं।
[2:05:02] [संगीत] मिल जाओ आज हमसे
[2:05:07] दृष्टि [संगीत] से सृष्टि रच दो
[2:05:12] मुरली से [संगीत] रंग भर दो
[2:05:17] वरदानों के है दाता
[2:05:21] सागर
[2:05:23] पधारिए
[2:05:26] सागर
[2:05:27] पधारिए
[2:05:29] [संगीत]
[2:05:40] कोमल सी भावनाएं
[2:05:44] निर्मल हृदय तक कहना
[2:05:49] संगम
[2:05:50] युग में बाबा
[2:05:53] संग आपके [संगीत]
[2:05:55] ही रहना
[2:05:58] धरती भी नगमे में गाती
[2:06:03] अंबर [संगीत] भी गुनगुनाता
[2:06:07] संसार सारा [संगीत] गाता
[2:06:12] सादर
[2:06:14] पधारिए
[2:06:16] सादर
[2:06:18] पधारिए
[2:06:28] [संगीत]
[2:06:30] तेरे प्यार [गाना गाने की आवाज़] को संजोए
[2:06:35] नैनों को है भिगोए [गाना गाने की आवाज़]
[2:06:39] यादों [संगीत] के मोतियों को
[2:06:44] सांसों में है [संगीत] पिरोए
[2:06:49] वो सद्गुणों के सागर
[2:06:53] भरने में [संगीत][गाना गाने की आवाज़] हर
[2:06:55] एक गागर
[2:06:58] हरिया तुम्हें बुलाता
[2:07:03] सागर
[2:07:04] पधिए
[2:07:07] सागर
[2:07:09] पधारे [संगीत]
[2:07:12] आनंद के प्रदाता
[2:07:16] [संगीत] हे स्नेह शक्ति दाता
[2:07:21] अव्यक्त बाप [संगीत]
[2:07:23] दाता
[2:07:26] सादर
[2:07:27] पधारिए [संगीत]
[2:07:30] सागर
[2:07:32] पधारे
[2:07:35] सादर
[2:07:37] पधारे
[2:07:38] [संगीत]
[2:07:53] तो हम सभी मिलकर
[2:07:57] महसूस कर रहे थे
[2:08:00] प्यारा बाबा
[2:08:02] आज इस सभा पर इस सभा में हमारे बीच
[2:08:08] उपस्थित था महसूस किया सभी ने महसूस किया
[2:08:12] सभी ने बाबा की उपस्थिति महसूस की जोर से
[2:08:17] बोलो
[2:08:21] तो बाबा भी कितना खुश है आज
[2:08:25] और अब
[2:08:27] मधुबन
[2:08:30] अब राज की पवित्र धरनी से पधारे
[2:08:35] तेजस्वी सितारे सफलता के सितारे
[2:08:40] सेवाओं के सितारे
[2:08:42] ऐसे मधुबन निवासी
[2:08:45] जो आज
[2:08:47] यह चैतन्य मूर्तियां हमारे समक्ष विराजमान
[2:08:50] हैं। सोमशेखर भाई, दीपक भाई, भरत भाई,
[2:08:54] दिनेश भाई और कुछ सितारे जो पीस ऑफ माइंड
[2:08:58] चैनल पर लाइव टेलीकास्ट इस प्रोग्राम को
[2:09:01] करने की सेवा में लगे हुए हैं। मुकेश भाई,
[2:09:04] प्रसाद भाई सभी भाइयों का पहले तो हम
[2:09:07] जोरदार तालियों से जो आज खास इस कार्यक्रम
[2:09:12] के लिए उद्घाटन समारोह के लिए यहां पहुंचे
[2:09:16] हैं और बहुत खुशी-खुशी से अपनी सेवाएं
[2:09:19] प्रदान कर रहे हैं। तो आज मधुबन की इस
[2:09:23] पावन धरा से सभी मधुबन निवासियों की तरफ
[2:09:28] से मैं सोम शिखर भाई से अनुरोध करती हूं
[2:09:32] क्योंकि मधुबन जब हम पहुंचते हैं तो
[2:09:35] स्टेशन पर सबसे पहले आपका ही दर्शन होता
[2:09:38] है
[2:09:40] और स्वागत के लिए एक पैर पर खड़े रहते हैं
[2:09:43] तैयार रहते हैं ना दिन देखते हैं ना रात
[2:09:48] होती है जिनसे सबसे पहले मुलाकात
[2:09:51] वह है सोमशेखर भाई।
[2:09:55] आज सभी मधुबन निवासियों की तरफ से मधुबन
[2:09:59] की भूमि से अनुभव के मोती संजोकर लाए हैं।
[2:10:03] शुभकामनाओं के मोती संजोकर लाए हैं। चले
[2:10:07] उनकी भी शुभकामनाएं। उनके भी हृदय के भाव
[2:10:10] को सुनते हैं। सोम शिखर भाई
[2:10:17] ओम शांति।
[2:10:21] प्राण प्रिय प्राणेश्वर
[2:10:26] हम सभी के प्रिय बाबा के
[2:10:33] हम सब बच्चे
[2:10:37] आज इस
[2:10:41] मंगलमय
[2:10:44] एक कार्यक्रम में उपस्थित है हमारे वरिष्ठ
[2:10:48] दीदिया
[2:10:50] और आप सभी को
[2:10:54] विशेष
[2:10:57] लाइट हाउस के निमित्त
[2:11:00] इतने सुंदर
[2:11:03] प्रोग्राम कहे
[2:11:06] बाप और बच्चों का मिलन कहे
[2:11:10] वरिष्ठ दीदियों का वह अनुभव कहे
[2:11:14] उनका आशीर्वाद
[2:11:17] हमारे वरिष्ठ दादियों का दीदी आज सुबह
[2:11:20] क्लास में सुना रहे थे कि बॉम्बे की
[2:11:23] सेवाएं कैसे शुरू हुई
[2:11:27] वहां से लेकर के यहां तक और आगे भविष्य
[2:11:30] में भी जो भी है तो जैसे संतोष दीदी से
[2:11:34] सुना रहे थे कि हम नहीं करते बाबा करण
[2:11:36] करावनहार है
[2:11:39] लेकिन दीदी मैं कहूंगा बाबा के हम सब
[2:11:41] भुजाएं इंस्ट्रूमेंट्स है जो बाबा को
[2:11:45] प्रत्यक्ष करने के निमित हर एक
[2:11:49] हर एक बाबा के बच्चा
[2:11:52] अपने सहयोग से यज्ञ में
[2:11:56] सेवाएं दे रहे उमंग से उत्साह से
[2:12:00] हर तरह से तो मैं एक बात अक्सर जहां भी
[2:12:04] जाता हूं सुनाता हूं
[2:12:07] संसार में आप लोगों ने बहुत सारी संस्थाएं
[2:12:10] बहुत सारे देश संगठन देखे होंगे लेकिन
[2:12:13] परमात्मा एक काम जो कर सकते हैं वो दूसरा
[2:12:16] कोई नहीं कर सकता इसलिए परमा परमात्मा है
[2:12:19] कि हर एक आत्मा को
[2:12:22] इस दवी परिवार का जो हिस्सा बना जो बाबा
[2:12:25] कहते हैं कि जिसने कहा कि मैं बाबा का
[2:12:28] बाबा ने उसका जिसको भी हाथ थामा जो बाबा
[2:12:32] के बच्चे बने एक बारी हम उस दैवी परिवार
[2:12:36] का हिस्सा बनते हैं। ऐसे
[2:12:40] बहुत बड़ा बेहद का देवी परिवार जिसमें हर
[2:12:44] एक इंडिविजुअल आत्मा का अपना एक हिस्ट्री
[2:12:48] है। रमेश भाई सुनाया करते थे हंसी में कि
[2:12:51] हर एक बाबा का बच्चे का अपना हमको कहते थे
[2:12:55] तुम्हारा अगर कहानी लिखने जाओ तो उपनिषद
[2:12:57] बन जाएगा एक एक की तो ऐसे बाबा के बच्चे
[2:13:00] बाबा से जुड़ने के बाद जो बेहद परिवार है
[2:13:04] एक दैवी परिवार ही ऐसे परिवार है सारे
[2:13:06] समस्त संसार में
[2:13:09] जिसका मुखिया स्वयं भगवान है और हम सब के
[2:13:12] भुजाए हैं। तो इतने बड़े परिवार के हम
[2:13:14] हिस्सा हैं।
[2:13:16] बिंदु बहन को मैं अक्सर पूछा करता था जब
[2:13:19] प्रोजेक्ट शुरू हुआ दीदी का दीदी कब पूरा
[2:13:21] करोगे?
[2:13:22] तो काफी समय लगा था बीच में दीदी कह रही
[2:13:25] थी टाइम लगेगा।
[2:13:27] तो बड़ा इंतजार था हमें
[2:13:30] कि बाबा का यह बेहद का घर जैसे सुनाया
[2:13:34] इतना बेहद का सेवाओं का निमित्त है। और आप
[2:13:38] सभी उसके
[2:13:41] बाबा कहते हैं कि सहयोग की उंगली हर एक से
[2:13:44] होती है। तो आप सबके सहयोग शुभ भावनाएं
[2:13:47] शुभ संकल्प से जो हुआ है आज वो चमत्कार है
[2:13:52] और आगे बाबा आपसे और उम्मीद कर रहे हैं
[2:13:55] आगे भविष्य में। तो मधुबन से विशेष
[2:13:59] मधुबन के तरफ से हम सभी भाइयों के तरफ से
[2:14:05] यहां पर जो भी आज आप लोगों का संकल्प जो
[2:14:10] आकृति ली है एक आकार बना है लाइट हाउस के
[2:14:14] रूप में आने वाले समय में बहुत बेहद
[2:14:19] का रूप धारण करें और वो सेवा उससे हो इसके
[2:14:24] लिए बहुत-बहुत आपको शुभकामनाएं शुभकामनाएं
[2:14:27] शुभकामनाएं सभी को थैंक यू ओम शांति
[2:14:33] [प्रशंसा]
[2:14:34] धन्यवाद
[2:14:36] सोमशेखर [गला साफ़ करने की आवाज़]
[2:14:37] भाई
[2:14:39] हर एक भाई
[2:14:41] अपनी विशेषता लिए हैं
[2:14:44] और अलग-अलग डिपार्टमेंट में वर्षों से
[2:14:47] अपनी अथक सेवाएं दे रहे हैं।
[2:14:51] सोमशेखर भाई जो स्टेशन पर दिन रात अपनी
[2:14:54] सेवाएं देते हैं। दीपक भाई जो सदा
[2:14:59] प्रज्वलित रहते हैं। दीपक की लौ कभी बुझती
[2:15:03] नहीं और यह बोरीवली का ही सितारा है जो
[2:15:06] ज्ञान सरोवर में चमक रहा है। [प्रशंसा]
[2:15:10] और वहां ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में अपनी
[2:15:12] सेवाएं देते हैं। भरत भाई जो यहां भी रत
[2:15:16] थे सेवा में और वहां भी सेवारत हैं और
[2:15:20] टेलरिंग डिपार्टमेंट में अपनी सेवाएं देते
[2:15:23] हैं। वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और
[2:15:25] यह भी बोरीवली का सितारा जो वहां चमक रहा
[2:15:29] है। [नाक से की जाने वाली आवाज़] दिनेश
[2:15:30] भाई जो आर्ट डिपार्टमेंट में अपनी कलाकारी
[2:15:34] दिखाते हैं और आज हमारे बीच पहुंचे हैं
[2:15:38] ऐसे मुकेश भाई जो यहां मलाड गोरेगांव से
[2:15:43] आपने ज्ञान लिया और मलाड में कुंती बहन की
[2:15:46] पालना से बढ़कर के और अब कई वर्षों से
[2:15:49] मधुबन में आईटी की सेवाएं दे रहे हैं।
[2:15:53] उनके साथ प्रसाद भाई, निरंजन भाई, परशुमन
[2:15:56] भाई सभी आज यहां हमारे बीच पहुंच कर के इस
[2:16:02] कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे हैं।
[2:16:04] बहुत-बहुत थैंक्स सभी सितारों का।
[2:16:07] बहुत-बहुत थैंक्स। और अब
[2:16:11] बहुत सुंदर विधि हम करने जा रहे हैं।
[2:16:14] कैंडल लाइट
[2:16:17] लाइट हाउस के उद्घाटन निमित्त [संगीत]
[2:16:20] मंगल वेला पर अब हम मिलकर के करते हैं
[2:16:23] कैंडल लाइट और क्योंकि इस ऑडिटोरियम में
[2:16:29] सभी को पता है कि अग्नि प्रज्वलित नहीं कर
[2:16:33] सकते लेकिन लाइट जलाकर [संगीत] के कैंडल
[2:16:37] विधि को संपन्न किया जाएगा। मैं मंच पर
[2:16:41] विराजित सभी बहनों को, शक्तियों को, मधुबन
[2:16:46] निवासियों को मंच पर अपने स्थान पर खड़े
[2:16:51] होने के लिए अनुरोध करती हूं। साथ ही
[2:16:54] जिन्हें भी कैंडल लाइट के लिए निमंत्रण
[2:16:57] [संगीत] दिया है वह भी मंच पर आकर के इस
[2:17:00] विधि में साथ देंगे और चांद भाई बजाज हरीश
[2:17:05] भाई मोयल
[2:17:06] संदीप भाई जो बहादुरगढ़ से आए हैं उन्हें
[2:17:10] भी मैं मंच पर आमंत्रित करती हूं इस सुंदर
[2:17:13] विधि में साथ देने के लिए
[2:17:17] अनुरोध है अपने स्थान पर खड़े होकर
[2:17:23] सभी आए और जिन्हें भी विशेष कैंडल लाइट के
[2:17:26] लिए कहा गया है सभी मंच पर आएंगे। अनुरोध
[2:17:30] है
[2:17:35] आइए विवेक भाई समीर [संगीत] भाई आइए अशोक
[2:17:38] भाई बाबू भाई प्रकाश भाई जयंती भाई हर
[2:17:43] [संगीत] जन्म में बाबा तेरा साथ विशेष तौर
[2:17:47] पर
[2:17:49] बाबा तेरा हाथ चाहिए [संगीत] हर जन्म में
[2:17:54] बाबा तेरा साथ चाहिए
[2:17:57] सिर पे मेरे बाबा [संगीत] बाबा तेरा हाथ
[2:18:00] चांद भाई आ जाए तो आप देख रहे हैं मंच पर
[2:18:04] दोद चांद है [संगीत] तो इसलिए रोशनी ही
[2:18:07] रोशनी है मेरी भक्ति का ही नाम चाहिए
[2:18:12] [संगीत] हर जन्म में [गाना गाने की आवाज़]
[2:18:13] बाबा तेरा साथ आप सभी भाई बहनों से भी
[2:18:17] अनुरोध है आप अपने स्थान पर खड़े होकर आप
[2:18:22] अपने मोबाइल की टॉर्च को ऑन करके इस
[2:18:28] विधि में अपना साथ देंगे। सभी भाई बहनों
[2:18:32] से अनुरोध है [संगीत]
[2:18:34] अपने अपने स्थान पर खड़े हो
[2:18:37] और इस ऑडिटोरियम में बता दे कि इतने यहां
[2:18:40] चमकते हुए सितारे बैठे हुए हैं। सभी अपने
[2:18:44] मोबाइल [संगीत] की टॉर्च जला करके और इस
[2:18:47] कैंडल विधि में साथ देंगे। तेरे प्यार की
[2:18:51] बरसात [संगीत] चाहिए।
[2:18:54] मुझको देखिए सभी के हाथ में कितना सुंदर
[2:18:59] कमल है और सामने का दृश्य तो देखिए कितना
[2:19:03] सुंदर है।
[2:19:04] सिर पे [संगीत] मेरे बाबा तेरा हाथ चाहिए।
[2:19:10] [संगीत]
[2:19:13] कितने सुंदर चमक रहे हैं सभी बसाए।
[2:19:16] और ऐसा लग रहा है सारा आसमान यहां जमीन पर
[2:19:19] उतर आया हो। तुम सजाए [संगीत]
[2:19:22] हो
[2:19:23] जो मंच पर विराजित है उनसे अनुरोध है कि
[2:19:26] एक लाइन में अगर सब आ जाएंगे [संगीत] तो
[2:19:30] ये दृश्य कितना सुंदर हो जाएगा
[2:19:33] मेरे जीवन को तुम सजाए हो सभी एक लाइन में
[2:19:38] आ जाए [संगीत]
[2:19:43] तेरा ही ऐसी बता दे हम सदा
[2:19:49] जैसे ये जगमगा रहा है। ऐसे हम भी सदा
[2:19:52] [संगीत] जगमगाते रहेंगे। अपनी रोशनी सारे
[2:19:56] विश्व में फैलाते रहेंगे।
[2:19:59] कितना सुंदर ये दृश्य है।
[2:20:02] सिर्फ मेरे [संगीत] बाबा तेरा हाथ चाहिए।
[2:20:07] आप सभी
[2:20:09] अपने मोबाइल को हिलाते रहें। आपके टॉर्च
[2:20:13] की रोशनी से ऐसा लग रहा हो जैसे सारे के
[2:20:17] सारे धूप तारे नीचे आ गए हो। है [संगीत]
[2:20:20] बाबा मेरा
[2:20:22] मेरे नैनों में बसता है बाबा मेरा [संगीत]
[2:20:27] मेरा बाबा मेरा मेरा बाबा मेरा
[2:20:32] मेरे नैनों [संगीत] में बसता है बाबा मेरा
[2:20:38] आप सब गा सकते हैं हाथ में अगर मोबाइल है
[2:20:41] तो ताली तो नहीं बजा सकते [संगीत] लेकिन
[2:20:44] गीत जरूर गा सकते हैं
[2:20:50] [संगीत]
[2:20:52] जिंदगी अब सुखों की कहानी हो आप इस तरह से
[2:20:57] जगमगाते
[2:20:59] [संगीत]
[2:21:01] के पश्चात
[2:21:03] हम केक कटिंग की ओर आगे बढ़ते हैं [संगीत]
[2:21:09] मंच पर विराजित
[2:21:11] हुई
[2:21:14] भाई बहनों से अनुरोध है क्या आपके पीछे ही
[2:21:18] केक तैयार है?
[2:21:22] खुशियों का गुलदस्ता है
[2:21:28] केक कटिंग करेंगे और चांद भाई इस केक
[2:21:33] कटिंग में चार चांद लगा देंगे
[2:21:36] [संगीत]
[2:21:40] हरीश भाई [संगीत]
[2:21:43] चलो फिर से इस महफिल को सजा दो अब तू गजब
[2:21:48] है गजब [संगीत]
[2:21:50] तू रूहों का
[2:21:52] हमारी वरिष्ठ बहनों से वरिष्ठ [संगीत]
[2:21:54] भाइयों से मंच पर विराजित सभी भाइयों से
[2:21:57] अनुरोध है केक कटिंग के लिए आगे की ओर
[2:22:01] बढ़ेंगे
[2:22:04] आप सभी भाई बहने इसी तरह अपनी रोशनी को
[2:22:08] जगमगाते रहे
[2:22:13] मैं समझती हूँ चांद भाई आ गए होंगे मंच पर
[2:22:16] दोनों [संगीत] का
[2:22:19] आइए जुगल जोड़ी
[2:22:33] तो आज के इस पावन अवसर के लिए एक स्पेशल
[2:22:36] गीत दीदी जी बनाया है। तो वो गीत के साथ
[2:22:38] ही शुरुआत करते हैं।
[2:22:44] [संगीत]
[2:22:48] गोरी बली का [संगीत] जन्मदिन
[2:22:52] आज
[2:22:54] गोरी बली का जन्म दिन [संगीत] आज
[2:22:58] देते हैं मुबारक
[2:23:01] से सबके दिल के अल्फाज [संगीत]
[2:23:06] देते हैं मुबारक
[2:23:09] से सबके दिल के अल्फाज़
[2:23:14] देते हैं मुबारक
[2:23:17] से सबके दिल के अल्फाज़
[2:23:25] तालियों के साथ सभी
[2:23:28] बजती है शहनाई
[2:23:34] बजती है शहनाई
[2:23:38] लाइट हाउस के उद्घाटन
[2:23:41] [संगीत]
[2:23:42] की शुभ घड़ी है आई
[2:23:46] लाइट [गाना गाने की आवाज़] हाउस के
[2:23:48] उद्घाटन
[2:23:49] की शुभ घड़ी है आई [गाना गाने की आवाज़]
[2:23:55] [संगीत]
[2:24:15] आज दिन है मन [संगीत] भावन
[2:24:20] आज दिन है मन भावन
[2:24:25] आप पधारे [संगीत]
[2:24:27] तो हुआ मौसम भी पावन
[2:24:33] आप पधारे
[2:24:35] तो [संगीत] हुआ मौसम भी पावन
[2:24:41] आप पधारे
[2:24:43] तो हुआ मौसम [गाना गाने की आवाज़] भी पावन
[2:24:47] [संगीत]
[2:24:52] और एक खास बात इस सेवा स्थान के लिए
[2:24:55] [संगीत] इस स्थान का भाग्य बड़ा
[2:25:00] इस स्थान
[2:25:02] का [संगीत][गाना गाने की आवाज़] भाग्य बड़ा
[2:25:05] 33 बुझाओं वाला
[2:25:08] लाइट हाउस [गाना गाने की आवाज़][संगीत]
[2:25:10] ये बनके खड़ा
[2:25:13] 33 बुझाओं वाला [संगीत]
[2:25:16] लाइट हाउस ये बनके खड़ा
[2:25:21] 33 बुझाओं वाला [संगीत]
[2:25:24] लाइट हाउस ये बनके खड़ा
[2:25:27] [गाना गाने की आवाज़]
[2:25:29] [संगीत]
[2:25:30] और ये दो लाइनें दिव्या दीदी जी के नाम
[2:25:35] स्वर्ग का दरवाजा [गाना गाने की आवाज़]
[2:25:38] है।
[2:25:40] स्वर्ग का दरवाजा
[2:25:43] है। दिव्या दीदी जी ने सब जोन को हर खूबी
[2:25:49] से नवाजा
[2:25:51] है। दिव्या [संगीत] दीदी ने सब जोन को हर
[2:25:57] खूबी से नवाजा
[2:25:59] है। दीदी ने सब जोन को हर खूबी से
[2:26:05] [संगीत][गाना गाने की आवाज़] नवाजा
[2:26:07] है।
[2:26:11] और दीदी ये भूमि सचमुच क्या है?
[2:26:15] बारिश का [संगीत] पानी
[2:26:18] [गाना गाने की आवाज़] है।
[2:26:20] बारिश का पानी [गाना गाने की आवाज़] है।
[2:26:24] [संगीत]
[2:26:25] ये भूमि सबके लिए सच में
[2:26:29] [गाना गाने की आवाज़]
[2:26:30] वरदानी
[2:26:31] है। ये भूमि सबके लिए सच में वरदानी
[2:26:39] है। ये भूमि
[2:26:42] सबके लिए
[2:26:44] सच में वरदान [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[2:26:47] मंच परी
[2:26:49] जी
[2:26:51] डॉक्टर पीवी शेट्टी जी मंच पर आएंगे
[2:26:55] आकाश [संगीत]
[2:26:56] की ऊंचाई [गाना गाने की आवाज़]
[2:27:00] आकाश की ऊंचाई
[2:27:04] यहां आदि रत्नों
[2:27:07] [गाना गाने की आवाज़][संगीत] की हमने
[2:27:09] पालना है पाई
[2:27:12] यहां आदि रत्नों की हमने पालना है पाई।
[2:27:20] यहां आदि रत्नों की हमने पालना
[2:27:25] [गाना गाने की आवाज़]
[2:27:26] है [संगीत] पाई।
[2:27:29] आज शुभ दिन आया [गाना गाने की आवाज़] है।
[2:27:33] [संगीत]
[2:27:35] आज शुभ दिन आया है। [गाना गाने की आवाज़]
[2:27:40] आज शुभ दिन [संगीत] आया है।
[2:27:45] दीदियों की सेवा ने लाइट हाउस
[2:27:49] [गाना गाने की आवाज़] ये बना
[2:27:51] है।
[2:27:52] क्या बात है। दीदियों की सेवा
[2:27:55] [गाना गाने की आवाज़]
[2:27:55] हो जाए लाइट हाउस बनाया
[2:27:59] है। दीदियों की सेवा भरी
[2:28:06] बनाया [गाना गाने की आवाज़]
[2:28:07] है। समझते मंच पर उपस्थित
[2:28:10] दुआ तुमको देता जहां आज सारा मुबारक हो
[2:28:17] लाइफ हाउस को जन्मदिन [संगीत] तुम्हारा
[2:28:20] दुआ तुमको देता जहां आज सारा मुबारक हो
[2:28:27] सबको जन्मदिन तुम्हारा
[2:28:30] [गाना गाने की आवाज़]
[2:28:33] मीठी मीठी तालियों के साथ सभी पूरे उत्साह
[2:28:36] में
[2:28:36] जो भी मंच पर है उनको तो आज नाचना ही
[2:28:40] पड़ेगा और जो सभा में बैठे हैं वो भी अपने
[2:28:46] स्थान पर खड़े होकर के जरा झूम सकते हैं
[2:28:49] नाच सकते हैं
[2:28:50] मौसम की बहारे
[2:28:53] हैं
[2:28:54] तो मौसम की बहारे हैं
[2:29:00] थोड़ा हाथ
[2:29:00] मौसम की बहारे हैं बड़े प्यार से सेवा
[2:29:07] सेवा करें भाई बहन यहां सारे
[2:29:12] बड़े प्यार से सेवा करें भाई बहन यहां सारे
[2:29:19] हैं जो बड़े प्यार से सेवा करें भाई बहन
[2:29:25] यहां सारे हैं।
[2:29:28] बता दो आज हम कितनी खुशी में है।
[2:29:31] कितने उमंग में है। जो सभी बैठे एक बार
[2:29:34] खड़े होकर
[2:29:35] दिल खुश है तो चांद हिला
[2:29:40] दिल खुश है तो चांद हिला
[2:29:45] लाइट हाउस की बगिया [संगीत]
[2:29:47] में ओ आरसी का चांद खिला
[2:29:53] लाइट हाउस की बगिया में ओ आरसी का चांद
[2:29:59] खिला
[2:30:09] आप सबको [संगीत] लाइट हाउस की बहुत सारी
[2:30:12] शुभकामनाएं सब दोनों हाथ ऊपर करके
[2:30:15] गोरीबली का [संगीत] जन्मदिन
[2:30:17] [गाना गाने की आवाज़]
[2:30:18] आज
[2:30:20] बोरीवली का जन्मदिन [संगीत]
[2:30:23] आजकनी वाले मुबारक से [संगीत] सबके दिल के
[2:30:31] अल्फाज़
[2:30:33] देते हैं मुबारक
[2:30:34] [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[2:30:35] से सबके दिल के अल्फाज़
[2:30:40] देते हैं मुबारक
[2:30:42] [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[2:30:43] से सबके दिल के अल्फाज़
[2:30:48] [गाना गाने की आवाज़][संगीत]
[2:30:49] बजती है शहनाई
[2:30:55] बजती है शहनाई [संगीत]
[2:30:58] आपकी तालियों से बजती है शहनाई
[2:31:05] लाइट हाउस के [संगीत] उद्घाटन
[2:31:08] की शुभ घड़ी है आई
[2:31:13] लाइट हाउस के उद्घाटन
[2:31:16] की शुभ घड़ी है आई [संगीत]
[2:31:21] लाइट हाउस के उद्घाटन
[2:31:24] की शुभ घड़ी है आई [गाना गाने की आवाज़]
[2:31:29] लाइट हाउस उसके उद्घाटन
[2:31:32] की शुभ घड़ी है आई
[2:31:37] और ये लगन हमेशा ऐसी लगी रहे है ना जो
[2:31:41] होगा देखा जाएगा
[2:31:59] लगन तुमसे लगा बैठे [गाना गाने की आवाज़]
[2:32:03] लगन तुमसे लगा [संगीत]
[2:32:06] बैठे जो होगा देखा जाएगा
[2:32:11] लगन [गाना गाने की आवाज़]
[2:32:12] तुमसे लगा बैठे जो होगा
[2:32:19] तुम्हें अपना बना बैठे तुम्हें अपना बना
[2:32:26] बैठे जो होगा देखा
[2:32:29] [संगीत][गाना गाने की आवाज़] जाएगा
[2:32:31] तुम्हें अपना बना बैठे जो होगा देखा जाएगा
[2:32:39] लगन तुमसे [संगीत] लगा बैठे
[2:32:43] जो होगा
[2:33:14] ये नैना जिस तरफ जाए तू ही बस तू नजर आए
[2:33:21] [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[2:33:22] तू ही बस तू नजर आए तू ही बस तू नजर आए ये
[2:33:30] नैना जिस तरफ जाए तू ही बस [संगीत]
[2:33:35] तू नजर आए हम तो सुध बुध गवा बैठे हम तो
[2:33:43] सुध बुध गवा बैठे जो होगा देखा जाएगा
[2:33:48] [गाना गाने की आवाज़]
[2:33:50] हम तो सुध [संगीत] बुध गवा बैठे जो होगा
[2:33:56] देखा जाएगा
[2:33:58] लगन तुमसे [संगीत] लगा बैठे जो होगा देखा
[2:34:05] जाएगा।
[2:34:15] सब मिलके गाएंगे ना इस बार जो होगा
[2:34:24] सामने दिख जाएगा थोड़ा स्ट्रेट लाइन बना
[2:34:27] सामने सबको दिखाई पड़ेगा
[2:34:31] तेरे संग जोड़ [संगीत] के नाता
[2:34:34] [गाना गाने की आवाज़]
[2:34:35] मुझे कोई और ना भाता मुझे कोई [संगीत] और
[2:34:41] ना भाता मुझे कोई और ना भाता तेरे संग
[2:34:48] जोड़ के नाता [गाना गाने की आवाज़]
[2:34:51] मुझे कोई और ना भाता खुद को तेरा समझ
[2:34:57] [संगीत]
[2:34:58] बैठे खुद को तेरा समझ बैठे जो होगा
[2:35:07] खुद को तेरा
[2:35:09] समझ बैठे जो होगा देखा जाएगा।
[2:35:14] [गाना गाने की आवाज़]
[2:35:15] लगन तुमसे लगा बैठे जो होगा देखा जाएगा।
[2:35:23] [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[2:35:50] तुझे यूं प्यार करते हैं ना अब दुनिया से
[2:35:56] डरते हैं
[2:35:58] ना अब दुनिया से डरते ते हैं ना अब दुनिया
[2:36:04] से डरते हैं तुझे यूं प्यार करते हैं ना
[2:36:10] अब दुनिया से
[2:36:13] इस बार सब गाएंगे
[2:36:14] तुम्हें [संगीत] जिंदगी बना
[2:36:18] तुम्हें जिंदगी बना बैठे जो होगा
[2:36:26] तुम्हें [गाना गाने की आवाज़] जिंदगी बना
[2:36:29] बैठे
[2:36:30] जो [संगीत] होगा देखा जाएगा।
[2:36:34] लगन तुमसे लगा बैठे [संगीत]
[2:36:38] जो होगा देखा जाएगा।
[2:36:42] लगन तुमसे लगा बैठे जो होगा देखा जाएगा।
[2:36:50] जो होगा देखा जाएगा।
[2:36:54] [संगीत] जो होगा देखा जाएगा।
[2:36:58] [गाना गाने की आवाज़]
[2:37:00] ये म्यूजिक में ना सबकी आवाज नहीं आ रही
[2:37:02] थी। एक बार मिलके गाएंगे जो होगा
[2:37:08] घर वाले सब आ जाएंगे।
[2:37:11] जो होगा देखा जाएगा।
[2:37:13] एक बार और एक बार थोड़ा जोर से ना पूरे
[2:37:15] विश्व में आवाज जाए। चांद भाई
[2:37:19] जो होगा [गाना गाने की आवाज़]
[2:37:21] देखा जाएगा।
[2:37:23] जो होगा
[2:37:25] देखा जाएगा।
[2:37:28] बहुत अच्छा होगा। है ना?
[2:37:32] तो क्या लगन लगी? आज तो ऐसा लग रहा था 90
[2:37:35] साल वाले 9 साल के हो गए, 80 वाले आठ के
[2:37:39] हो गए, 70 वाले सात के हो गए। लेकिन मंच
[2:37:41] पर जो है सभी से अनुरोध है कि यहां पर ही
[2:37:44] उपस्थित रहे।
[2:37:48] और अभी बिंदु बहन
[2:37:52] अच्छा आदरणीय संतोष दीदी [संगीत] जी बिंदु
[2:37:56] बहन को। इस उद्घाटन अवसर की सौगात प्रदान
[2:38:00] करेंगे।
[2:38:04] बिंदु है ना वह कहीं भी दिखाई नहीं देती
[2:38:07] है। ढूंढना पड़ता है।
[2:38:29] ये प्रेम भरी सौगात दीदी प्रदान कर रहे
[2:38:33] हैं
[2:38:36] और बिंदु बहन भी
[2:38:44] बोरीवली की तरफ से आदरणीय दीदी को
[2:38:52] सौगात प्रदान कर रहे हैं।
[2:39:14] बड़ों का हाथ ही लग जाए तो बहुत कुछ हो
[2:39:17] जाता है।
[2:39:31] आदरणीय दिव्या बहन को भी बिंदु बहन
[2:39:38] झलक तुम्हारी
[2:39:40] प्यारे बंधन
[2:39:44] पलक में भर के दिखा रहे हम
[2:39:52] फलक से हम यही गा रहे
[2:39:56] और आदरणीय
[2:39:58] संतोष की मां जगदंबाहार
[2:40:04] अभी
[2:40:06] यहां दर्शन दिए अब देवी को दूसरे स्थान पर
[2:40:11] दर्शन देने जाना है और इसीलिए मां जगदंबा
[2:40:16] हम सब से छुट्टी लेकर के
[2:40:20] साक्षात्कार मूर्त वो देवी हमसे छुट्टी
[2:40:24] लेकर के
[2:40:27] दर्शन कराने जा रही है। इस उम्र में भी
[2:40:32] जैसे बहन ने कहा
[2:40:35] कल नासिक से रात को पहुंचे। अभी यहां
[2:40:38] पहुंचे कल मधुबन की ओर प्रस्थान करेंगे।
[2:40:57] सायन की धनुश्री बहन को भी
[2:41:01] आमंत्रित करती हूं।
[2:41:17] करण करावनहार [रोने की आवाज़]
[2:41:19] तुम ही हो तुम ही तो करते तुम ही कराते
[2:41:26] हां दीदी हमसे छुट्टी ले रहे हैं सभी एक
[2:41:29] हाथ की तालियों से
[2:41:34] दीदी को कहो हम ऐसे ही चमकते रहेंगे लाइट
[2:41:38] हाउस के द्वारा सेवा करते रहेंगे
[2:41:42] हमारी रक्षा किए जा रहे
[2:41:47] आपके शुभ आगमन के लिए दीदी
[2:41:51] हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं आपका हम किए
[2:41:55] जा रहे
[2:41:57] हम किए जा रहे तुम्हारी ओ प्यारे
[2:42:04] पर मैं
[2:42:13] एलन भाई अगर सभा में उपस्थित हैं तो मंच
[2:42:17] पर आए और चांद भाई से मैं कहूंगी कि दीदी
[2:42:21] संतोष दीदी से एक मिनट के लिए अनुरोध है
[2:42:23] एलन भाई को सम्मान पत्र देना चाहते हैं।
[2:42:28] चांद भाई आप एलन भाई का दो मिनट परिचय
[2:42:31] दीजिए।
[2:42:33] हम उसके
[2:42:35] संतोष दीदी से अनुरोध है एक
[2:42:44] चांद भाई आप एलन भाई के लिए बताइए
[2:42:52] दीदी जैसे बाबा अपने कार्य के लिए सब
[2:42:55] बच्चों के अंदर कलाएं भी भरते हैं और पल
[2:42:57] पल यूज करते हैं समय-समय पर तो यह एलन
[2:43:00] थॉमस भाई हैं यह मेरे बैचमेट रहे हैं
[2:43:04] क्योंकि मैं मुंबई से ही पढ़ाई हुई है तो
[2:43:06] यह भी बैचलर इन म्यूजिक प्रोडक्शन है और
[2:43:09] सबसे खास बात यह है जिस पल का मुझे भी 5
[2:43:13] साल से इंतजार था वो आपके शुभ हाथों से आज
[2:43:15] वो होने जा रहा है। जितने भी गीत बाबा के
[2:43:18] यज्ञ में अभी तक मुझ आत्मा के बने हैं
[2:43:20] सबका म्यूजिक एललेन थॉमस भाई ने किया है।
[2:43:24] सारे गीतों का पहले गीत से लेके अभी तक यह
[2:43:27] जो आज भी हमने जो टप्पे भी सुनाए वो भी ये
[2:43:30] रात भर बैठ के बना के लेके आया दीदी।
[2:43:32] क्या खूबसूरती है एलन भाई।
[2:43:35] अरे हो जाए और जोर से तालियां
[2:43:37] जोरदार तालियां एलन थॉमस भाई।
[2:43:44] सम्मान पत्र दीदी एलन भाई को भेंट कर रहे
[2:43:49] हैं।
[2:43:51] बहुत-बहुत थैंक्स एलन भाई। और आज यह इतना
[2:43:55] सुंदर वीडियो शूटिंग का भी जो कार्य चल
[2:43:58] रहा है हमारे प्रणव भाई जो इस टीम के साथ
[2:44:02] इतनी अच्छी सेवाएं दे रहे हैं। प्रणव भाई
[2:44:06] आप भी हो तो एक मिनट मंच पर आइए। आइए आइए
[2:44:10] हमारी दिव्या बहन के लौकिक भाई के बेटे
[2:44:15] प्रणव भाई और काफी फिल्मों में आप शूटिंग
[2:44:20] की सेवाएं करते हैं और आज बाबा के घर में
[2:44:23] अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
[2:44:38] बहुत बड़ी-बड़ी फिल्मों में आपने
[2:44:42] शूटिंग की सेवाएं की है
[2:44:45] और हमेशा सेवा के लिए तत्पर तैयार रहते
[2:44:48] हैं।
[2:45:03] अभी
[2:45:05] कुछ हस्तियों को सम्मानित करने के लिए मैं
[2:45:10] मंच पर आमंत्रित करती हूं।
[2:45:16] सभी अपने स्थान पर यथा स्थान बैठे रहेंगे।
[2:45:26] आप सभी को
[2:45:28] यह कहना चाहूंगी कि कुछ ऐसे विशेष रत्न
[2:45:33] जिनको आज इस मंच से हम सम्मानित करेंगे
[2:45:37] क्योंकि किसी ने बिल्डिंग बनाई,
[2:45:41] किसी ने अपनी कला दिखाई और किसी ने भूमि
[2:45:46] को बनाने की भूमिका निभाई। ऐसे विशेष
[2:45:50] रत्नों का आज इस मंच से सम्मान करेंगे
[2:45:53] आदरणीय दिव्या बहन और सबसे पहले मैं
[2:45:58] आमंत्रित करती हूं आर्किटेक्ट विवेक भाई
[2:46:02] भोले को मंच पर जोरदार तालियां हो जाए
[2:46:05] उनके लिए
[2:46:09] सदैव बाबा के घर बनाने में आपकी कलाएं
[2:46:13] दिखाई देती है एक एक ईंट में
[2:46:18] एक-एक कोने में आपकी कला दिखाई देती है।
[2:46:21] और विवेक भाई
[2:46:25] जो इस लाइट हाउस में बिंदु बहन बता रहे थे
[2:46:29] जो हॉल बना हुआ [संगीत] है और इतने छोटे
[2:46:33] फ्लैट में इतने छोटे स्थान में बिना बीम
[2:46:37] के इतना बड़ा हॉल बनना असंभव था जो आपने
[2:46:41] संभव करके दिखाया।
[2:46:46] चाहे बाबा का कमरा हो
[2:46:57] विवेक भाई बहुत-बहुत थैंक्स आपको
[2:47:02] और अब मैं
[2:47:04] विजय रयानी भाई को आमंत्रित करती हूं।
[2:47:06] विवेक भाई एक मिनट
[2:47:10] विवेक भाई ने अपना बोरीवली वेस्ट का जो
[2:47:13] भवन बना और चौक ओम शांति दो चौक बने हुए
[2:47:18] हैं। एक देविदास लेन पर और एक चंदावरकर
[2:47:22] लेन पर उनके भी आर्किटेक्ट वही हैं और अभी
[2:47:26] भी जो अपना बना है उसमें भी बहुत बड़ा
[2:47:30] सपोर्ट रहा है और भविष्य में सुंदर बाग जो
[2:47:35] रिट्री सेंटर बन रहा है उनके भी आते हमारे
[2:47:40] भाई रात दिन अपनी सेवाएं जब कहो तो समय
[2:47:46] निकाल के सेवाएं देते
[2:47:48] वसई में प्रभु प्रेरणा भवन वह भी आप ही की
[2:47:52] ही कलाकृति है।
[2:47:56] बहन आप तो इधर बता रही है आपके खुद के
[2:47:59] शब्द है कि हम नहीं करते बाबा करवाता है।
[2:48:03] [हंसी]
[2:48:04] [प्रशंसा]
[2:48:09] विवेक भाई हमेशा कहते हैं आधा इंटीरियर तो
[2:48:12] आधा आर्किटेक्चर तो दिव्या बहन मेरे को
[2:48:15] सिखाती है।
[2:48:18] आधा बाकी का [हंसी]
[2:48:20] बहुत-बहुत थैंक्स विवेक भाई और बिल्डर
[2:48:24] विजय रायानी भाई को मैं आमंत्रित करती हूं
[2:48:27] जिन्होंने यह गार्डन व्यू की दोनों
[2:48:30] बिल्डिंग्स बनाई
[2:48:34] नहीं आए हैं और अब साथ में उन ऐसे गुप्त
[2:48:38] सेवाधारी
[2:48:39] उन रत्नों को भी मैं मंच पर आमंत्रित करती
[2:48:42] हूं डॉक्टर चारू बहन अल्पना बहन
[2:48:47] और सतीश भाई जिन्होंने गुप्त सेवाएं इस
[2:48:52] लाइट हाउस में अपनी दी है और एक पूरा की
[2:48:55] पूरा फ्लैट इन लोगों ने अलग-अलग उस स्थान
[2:49:00] के लिए सेवा अर्थ दिए हैं तो [प्रशंसा]
[2:49:04] बनती है उनके लिए तो तालियां बनती है
[2:49:06] डॉक्टर चारु बहन जहां भी हो आए
[2:49:13] अल्पना बहन जहां है मंच [संगीत] पर आएं
[2:49:17] सतीश भाई आए
[2:49:29] ऐसे गुप्त दानी महादानी
[2:49:33] वरदानी सेवाधारी
[2:49:43] आइए
[2:49:45] सतीश भाई
[2:49:50] अल्पना बहन [संगीत] भी अगर हैं तो मंच पर
[2:49:53] आवे
[2:49:56] और साथ ही
[2:49:59] हमारे गीतकार संगीतकार
[2:50:02] चांद भाई बजाज हरीश भाई दोनों को भी मैं
[2:50:07] मंच पर आमंत्रित [संगीत] करती हूं। उन्हें
[2:50:09] भी बहन सम्मानित करेंगे। खास समय निकालकर
[2:50:14] के चांद [संगीत] भाई दिल्ली ओआरसी जहां
[2:50:18] तीन वर्षों से समर्पित रूप से अपनी सेवाएं
[2:50:22] दे रहे हैं और आज निमंत्रण को [संगीत]
[2:50:25] स्वीकार करके यहां पहुंचे हैं सभी के अंदर
[2:50:28] उमंग उत्साह के रंग भरने के लिए और हरीश
[2:50:32] भाई जो पार्ट टाइम समर्पित हुए हैं
[2:50:40] 17 तारीख से 21 तारीख तक उन्हें समर्पित
[2:50:44] किया गया है। और मीनू बहन एक बार आप खड़े
[2:50:48] हो जाइए और आप भी ऊपर आइए जो उनको साथ
[2:50:52] देने वाली सहयोग देने वाली हमारे हरीश भाई
[2:50:56] की
[2:50:58] युगल मीनू बहन हमेशा उनका साथ और सहयोग
[2:51:03] रहा और शायद यह ना होता तो यह [संगीत] पल
[2:51:06] भी मुश्किल होते।
[2:51:24] हरीश भाई कहते थे एक चांद भाई सभा में
[2:51:27] बैठे एक चांद भाई मंच पर खड़े हैं दो चांद
[2:51:30] तो है दो चांद हम लगा देंगे तो चार चांद
[2:51:34] लग जाएंगे
[2:51:42] संदीप भाई आप भी आइए।
[2:51:46] संदीप भाई जो विशेष तौर पर चांद भाई के
[2:51:50] [संगीत] साथ यहां पहुंचे हैं।
[2:51:54] उनका भी अभिनंदन
[2:51:58] स्वागत सत्कार करते हैं।
[2:52:03] आप बहुत ही अच्छा
[2:52:06] एक्टिंग के द्वारा स्वमान का अभ्यास कराते
[2:52:09] हैं। हरीश भाई गाते हैं और आप सभी को वह
[2:52:13] अभ्यास पक्का करा देते हैं।
[2:52:18] और अभी
[2:52:21] आबू निवासी मधुबन निवासी विशेष रत्नों को
[2:52:26] भी मैं आमंत्रित करती हूं। आदरणीय बहन से
[2:52:31] सौगात प्राप्त करें। आइए दीपक भाई,
[2:52:34] सोमशेखर भाई, भरत भाई, दिनेश भाई और अगर
[2:52:38] पॉसिबल हो तो मुकेश भाई, निरंजन भाई,
[2:52:43] प्रसाद भाई, परशुमन भाई भी अगर आ सकते हो
[2:52:46] तो मंच पर आइए, आ सकते हैं क्या? आना ही
[2:52:49] पड़ेगा।
[2:52:51] और उनके लिए आप सबको बजाना ही पड़ेगा।
[2:52:56] वो
[2:52:58] प्रदीप भाई
[2:53:01] आइए आइए
[2:53:06] जहां भी ये गुप्त सेवाधारी बैठे हैं आइए
[2:53:13] यह पीएम टीवी की टीम है।
[2:53:17] आप सभी आज लाइव सब जगह पर दिखाई दे रहे
[2:53:21] हो। अगर नहीं बजाओगे ना तो वह भी दिखाई
[2:53:24] दोगे और बजाओगे तो भी दिखाई दोगे।
[2:53:28] नाचोगे तो भी दिखाई दोगे। नहीं नाचोगे तो
[2:53:31] भी दिखाई दोगे। बैठे रहोगे तो भी दिखाई
[2:53:34] दोगे। खड़े होगे तो भी दिखाई दोगे। इसलिए
[2:53:37] जैसा जैसा कहे वैसे वैसे करते जाना।
[2:53:45] परशुमन भाई भी हो तो आ जाए।
[2:54:09] जो भी मधुबन निवासी हैं आइए
[2:54:25] और अभी हमारी मुख्य जो अष्ट शक्तियां हैं
[2:54:31] उन सभी को भी बिंदु बहन दिव्या बहन
[2:54:37] इस सुंदर उद्घाटन अवसर की बोरीवली वेस्ट
[2:54:41] के [संगीत] जन्मदिन की 46 वर्ष पूरे होने
[2:54:45] की खुशी में अपना स्नेह व्यक्त सौगात के
[2:54:48] माध्यम से करेंगे।
[2:54:51] सबसे पहले
[2:55:21] ये बड़ी सुंदर
[2:55:24] ब्राह्मणों की
[2:55:26] रीति रस्म परंपरा
[2:55:31] सभी अष्ट शक्तियों को बाकी सभी बहनों से
[2:55:34] अनुरोध है जो साथी बहने हैं उन्हें हम बाद
[2:55:39] में
[2:55:41] मंच पर बुलाएंगे।
[2:55:46] इसके पश्चात
[2:55:54] और अभी इसके बाद में जो अलग-अलग एजेंसीज
[2:55:58] जिन्होंने इस लाइट हाउस को तैयार करने में
[2:56:01] सहयोग दिया [संगीत] उन्हें भी मंच पर
[2:56:04] बुलाती हूं। जब यह कार्यक्रम पूरा हो
[2:56:09] सभी भोजन [संगीत] के पश्चात
[2:56:12] उस सुंदर स्थान का जिसका बार-बार यहां पर
[2:56:15] वर्णन किया जा रहा है याद किया जा रहा है
[2:56:18] उसका अवलोकन जरूर करेंगे तो अलग-अलग जो
[2:56:22] एजेंसी है मैं नाम लेती जाऊं वे मंच पर
[2:56:25] [संगीत] आए कारपेंट्री डिपार्टमेंट से
[2:56:27] अमरजीत भाई मंच पर आएंगे
[2:56:31] सिविल वर्क से वल्लभ भाई
[2:56:54] ऐसा लगता था तेरा मेरा प्यार अमर है ना
[2:56:59] और क्योंकि कोकिला बहन, बिंदु बहन और हम
[2:57:03] तीनों वहां साथ में रहे है और हमारी तीनों
[2:57:06] की जोड़ी को लोग कहते थे अमर,
[2:57:10] अकबर [हंसी]
[2:57:13] तो आज कोकिला बहन को भी वो याद आ रहा है।
[2:57:16] तो कारपेंट्री डिपार्टमेंट की जो सेवाएं
[2:57:19] दी अमरजीत [संगीत]
[2:57:20] भाई मंच पर आएंगे। सिविल वर्क की सेवा
[2:57:23] करने वाले वल्लभ भाई मंच पर आएंगे।
[2:57:27] मैं जिनका नाम ले रही हूं शीघ्र ही मंच पर
[2:57:30] आते जाएं।
[2:57:34] इलेक्ट्रिक वर्क जिन्होंने किया अकरम भाई
[2:57:40] पेंटिंग का कार्य करने वाले गोविंद भाई
[2:57:45] फैब्रिकेशन की जो कार्य कर रहे थे मनसुख
[2:57:48] भाई
[2:57:50] पीओपी वर्क के जाकिर भाई जो मेरी आवाज सुन
[2:57:54] रहे हैं अपना नाम सुन रहे हैं वह जल्दी ही
[2:57:58] मंच पर आएंगे
[2:58:01] और इस शुभ घड़ी की सौगात प्राप्त करेंगे।
[2:58:06] ग्लास वर्क जिन्होंने किया [संगीत] अमर
[2:58:08] भाई वह भी आते जाएं।
[2:58:21] हां अभी जो एजेंसी वाले आ चुके हैं आइए।
[2:58:29] और इसके पश्चात
[2:58:34] सेंटर संभालने वाली जो भी समर्पित बहनें
[2:58:38] हैं
[2:58:42] आइए अलग-अलग एजेंसीज के जो भी हमारे
[2:58:47] मुझको निहाल करा दिया
[2:58:52] सेंटर संभालने वाली जो भी समर्पित बहने
[2:58:56] हैं वह अभी मंच पर आएंगे
[2:59:01] मनसू सुख भाई करा दिया बाबा तेरे प्यार ने
[2:59:08] कमाल [संगीत] करा दिया
[2:59:13] सोमशेखर [संगीत] भाई के साथ भी जो नैना
[2:59:16] बहन आए हैं उनको भी मैं मंच पर आमंत्रित
[2:59:18] करती हूं।
[2:59:22] सेंटर संभालने वाली समर्पित बहनें
[2:59:26] दिलाराम [संगीत]
[2:59:28] बनके
[2:59:30] दिल को सुकून दिया
[2:59:33] और सेंटर संभालने [संगीत] वाली
[2:59:36] बहनों के पश्चात
[2:59:38] दिया
[2:59:40] बाकी भी समर्पित बहने मंच पर आ जाएंगी
[2:59:45] [संगीत]
[2:59:47] बाबा तेरे सभी भाई बहने थोड़ा सा समय
[2:59:50] स्थान पर बैठे रहेंगे [संगीत]
[2:59:53] ताकि भोजन की व्यवस्था भी सुचारू रूप से
[2:59:55] चल सके। निहाल करा [संगीत] दिया बाबा तेरे
[3:00:01] प्यार ने सभी [संगीत]
[3:00:04] सेंटर संभालने वाली बहने पहले मंच पर आ
[3:00:07] जाए
[3:00:09] और उसके पश्चात बाकी भी जो समर्पित बहने
[3:00:12] और भाई हैं
[3:00:22] करोगे तो पाओगे
[3:00:27] सभी भाई बहनों के लिए भी विशेष सौगात है
[3:00:30] इसलिए सभी यथावत अपने स्थान पर बैठेंगे
[3:00:34] जैसे जैसे उन्हें बुलाया जाएगा वे मंच
[3:00:38] [संगीत] पर आएंगे इसलिए सभी अपने स्थान पर
[3:00:40] बैठे जो भी भाई बहने खास इस कार्यक्रम के
[3:00:44] निमित्त आए हुए हैं कमाल करा दिया इन
[3:00:49] नजरों [संगीत] ने मुझको निहार करा दिया
[3:00:55] बाबा तेरे प्यार में
[3:00:59] अब शिवमणि होम से शिवमणि होम के डायरेक्टर
[3:01:04] ओम भाई ने भी विशेष याद प्यार भेजी जो
[3:01:06] किरण बहन लेकर के यहां पहुंची है। हर्षा
[3:01:11] बहन हर्षा बहन को [संगीत] मैं आमंत्रित
[3:01:13] करती हूं।
[3:01:17] मन वचन कर्म से पावन बना [संगीत] दिया।
[3:01:24] सूखे से जीवन को सावन बना दिया।
[3:01:30] अनुभव की सीढ़ी से
[3:01:34] आगे बढ़ा दिया।
[3:01:36] [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[3:01:37] बाबा तेरे प्यार में समर्पित भाई बहनों के
[3:01:42] पश्चात [संगीत] सभी भाई बहने बैठे रहेंगे।
[3:01:46] जिन्हों को सुबह सौगात मिल चुकी है वह
[3:01:51] सेंटर के सामने टारगेट बैंकवेट [संगीत]
[3:01:54] हॉल में वो पहुंचेंगे। बाकी सभी बैठे
[3:01:57] रहेंगे।
[3:01:59] जिन्हें
[3:02:02] सुबह सौगात मिल चुकी है सेंटर पर वह हमारे
[3:02:06] भाई बहने [संगीत]
[3:02:08] टारगेट मॉल में बैंकट हॉल में पहुंचेंगे
[3:02:12] ब्रह्मा भोजन के लिए बाकी सभी भाई बहने
[3:02:14] यहां बैठेंगे
[3:02:44] बाबा मेरी यादों
[3:02:47] को
[3:02:50] सीने में
[3:02:53] लेना [गाना गाने की आवाज़]
[3:02:56] आप सभी [संगीत] का उत्साह देखकर हमारे
[3:02:59] चांद भाई हरीश भाई को फिर से उत्साह आ गया
[3:03:01] है। सीने में समा
[3:03:06] आइए
[3:03:08] थोड़ी और रिमझिम कर दीजिए।
[3:03:12] मैं समझती हूं सभी को ब्रह्मा भोजन याद आ
[3:03:17] रहा होगा। लेकिन थोड़ा सा और मेरी याद
[3:03:23] इंतजार करेंगे ताकि
[3:03:28] व्यवस्थित रूप से हम [संगीत] इस व्यवस्था
[3:03:31] को दे सके बाबा मेरी याद
[3:03:35] समर्पित भाई बहनों [संगीत] के पश्चात
[3:03:39] में समा
[3:03:51] आगे जो
[3:03:54] भाई बहने बैठे हुए हैं समर्पित भाई बहनों
[3:03:57] के पश्चात आगे जो थोड़े भाई बहने 50 भाई
[3:04:01] बहने वह लाइन में आएंगे और वह भी यहां
[3:04:06] सौगात प्राप्त करके ब्रह्मा भोजन के लिए
[3:04:09] प्रस्थान करेंगे। सभी बाकी बैठे रहेंगे।
[3:04:11] जिनको गीत सुनने का मजा लेना है, वह हमें
[3:04:16] साथ देंगे।
[3:04:30] भेजा है
[3:04:32] वक्त मेरे साथ
[3:04:34] अचानक का पार्ट है ना तो आपको भी दिखाना
[3:04:36] पड़ेगा
[3:04:45] बोरीवली वेस्ट के जो भाई बहने हैं
[3:04:47] उन्होंने के लिए इस ऑडिटोरियम में
[3:04:51] कम्युनिटी हॉल जो यहां पर फर्स्ट फ्लोर और
[3:04:54] सेकंड फ्लोर पर है वहां ही भोजन की
[3:04:56] व्यवस्था स्था है। वह टारगेट बैंकपेट हॉल
[3:05:00] में नहीं जाएंगे। जो अन्य सेंटर से भाई
[3:05:04] बहने आए हैं और समर्पित भाई बहने वो ही
[3:05:06] सिर्फ वहां जाएंगे। बाकी बोरीवली वेस्ट के
[3:05:09] भाई बहने यहां बैठे रहेंगे। तो चलिए आपको
[3:05:12] बाबा के गीतों से निहाल करने के लिए दोनों
[3:05:15] भाई तैयार हैं।
[3:05:20] शुक्रिया दीदी। शुक्रिया बाबा। बहुत सुंदर
[3:05:24] प्रोग्राम का यह समापन
[3:05:27] कहें या शुभारंभ कहें और दिल नहीं कर रहा
[3:05:31] है अभी दिल भरा नहीं है कि अभी हम छोड़ के
[3:05:33] जाएं इस प्रोग्राम को बट सब लोग जा रहे
[3:05:36] हैं लेकिन मैं समझता हूं इसी वादे के साथ
[3:05:38] चांद भाई जी आप भी इसी वादे के साथ कि
[3:05:41] जल्दी फिर मिले और हम कुछ ऐसा करें कि इसी
[3:05:45] वर्ष में चमत्कार हो जाए और बाबा की
[3:05:49] प्रत्यक्षता हो जाए और सब बच्चा
[3:05:51] भाई बहन सॉरी जो भाई बहन सौगात ले रहे हैं
[3:05:54] वो स्टेज में पीछे से प्रस्थान करेंगे।
[3:05:57] जी जो सौगात ले ले वो पीछे की तरफ से आप
[3:06:00] जाइएगा।
[3:06:03] अभी ना जाओ छोड़कर
[3:06:07] के दिल अभी भरा नहीं अभी-अभी
[3:06:13] तो आए [गाना गाने की आवाज़] हो। बहार बनके
[3:06:17] छाए हो। हवा जरा महक तो ले ये दिल जरा बहक
[3:06:26] तो ले ये शाम ढल तो ले जरा
[3:06:31] ये शाम ढल तो ले जरा [गाना गाने की आवाज़]
[3:06:35] ये दिल संभल तो ले जरा मैं थोड़ी देर
[3:06:40] [गाना गाने की आवाज़]
[3:06:41] जी तो लूं नशे के घूंठ पी तो लूं
[3:06:46] [गाना गाने की आवाज़]
[3:06:47] अभी तो कुछ कहा नहीं अभी तो कुछ सुना नहीं
[3:06:55] अभी सब जा रहे हैं ना तो कोई सुन नहीं रहा
[3:06:57] [हंसी]
[3:07:00] तो एक अरे वाह अच्छा कौन-कौन सुन रहे हैं
[3:07:04] वो एक बार थोड़ा
[3:07:05] ये देखो
[3:07:05] अरे सब सुन रहे हैं [हंसी]
[3:07:07] हरीश भाई चांद भाई को कह रहे हैं अभी ना
[3:07:10] जाओ छोड़कर चांद भाई हरीश भाई को कह रहे
[3:07:12] हैं
[3:07:13] तो हम सब मिलके एक बार गाएं हां चलो वन टू
[3:07:17] थ्री वन
[3:07:18] अभी ना
[3:07:20] थोड़ा सुर बढ़ा लेते हैं पाजी आपके लिए ना
[3:07:21] दो नोट ऊपर करते हैं।
[3:07:25] अभी ना जाओ छोड़कर
[3:07:29] के दिल अभी भरा नहीं।
[3:07:37] छोड़कर
[3:07:38] के दिल अभी भरा नहीं।
[3:07:43] वाह वाह कह रहे हैं सुभाष भाई।
[3:07:47] अच्छा मुझे वो गीत बहुत पसंद है। आप सुनाओ
[3:07:49] ना वो
[3:07:50] कौन सा
[3:07:50] इसी सुर पे हर वक्त मेरे साथ हो विश्वास
[3:07:55] रहता है। भगवन तुम्हारे प्यार का एहसास
[3:08:01] रहता है। हर वक्त मेरे साथ हो विश्वास
[3:08:06] रहता है। भगवन तुम्हारे प्यार का एहसास
[3:08:12] रहता है। जब भी निकलता घर से तुम साथ चलते
[3:08:18] हो धूप भरी राहों में बादल से ढलते
[3:08:23] [गाना गाने की आवाज़] हो
[3:08:25] यात्रा सुखद ही होगी
[3:08:30] यात्रा सुखद ही होगी शुभ भाव रहता है भोजन
[3:08:36] भोजन स्वादिष्ट होगा विश्वास रहता है भगवन
[3:08:42] तुम्हारे प्यारे का एहसास रहता तो सभी के
[3:08:47] अब सबको भोजन थोड़ा थोड़ाा सामने आ रहा होगा
[3:08:49] प्रत्यक्ष भोजन भी हो रहा होगा
[3:08:53] तो
[3:08:53] बहुत शुक्रिया दीदी
[3:08:55] वो कह रहे हैं आप गाएंगे हम खाएंगे
[3:08:58] [हंसी]
[3:09:01] थैंक यू
[3:09:01] तो वो गीतों में भी स्वादिष्ट भोजन का
[3:09:03] अनुभव कर रहे थे
[3:09:05] तो आपको ये दोनों भाइयों की प्रस्तुतियां
[3:09:09] कैसी लगी
[3:09:12] इतनी इनहीं तालियों से नहीं चलता है।
[3:09:15] [प्रशंसा] दिल्ली ओआरसी आशा दीदी तक
[3:09:18] तालियां पहुंचनी चाहिए कि चांद भाई कमाल
[3:09:21] करके आए हैं। धमाल करके आए हैं। निहाल
[3:09:24] करके आए हैं।
[3:09:26] हां हां गा रहे म्यूजिक के साथ।
[3:09:32] [संगीत]
[3:09:48] [संगीत]
[3:09:50] हर वक्त मेरे [गाना गाने की आवाज़]
[3:09:52] साथ हो
[3:09:54] [संगीत]
[3:09:58] हर वक्त मेरे [गाना गाने की आवाज़][संगीत]
[3:10:00] साथ हो विश्वास रहता है भगवंत तुम्हारे
[3:10:06] प्यार का एहसास
[3:10:08] [संगीत][गाना गाने की आवाज़] रहता है।
[3:10:15] [संगीत] हर वक्त मेरे
[3:10:17] [गाना गाने की आवाज़] साथ हो विश्वास रहता
[3:10:20] है। भगवन [संगीत] तुम्हारे प्यार का एहसास
[3:10:25] रहता है।
[3:10:29] [संगीत]
[3:10:32] जब भी निकलता [गाना गाने की आवाज़] घर से
[3:10:35] तुम साथ चलते हो, धूप भरी राहों में
[3:10:40] [गाना गाने की आवाज़] बादल से ढलते
[3:10:42] [संगीत]
[3:10:42] हो।
[3:10:44] ये गाना चांद भाई पहली बार गा रहे हैं
[3:10:46] हां। एक बार जोरदार तालियां जब [संगीत] भी
[3:10:49] निकलता घर से तुम साथ चलते हो।
[3:10:53] [गाना गाने की आवाज़]
[3:10:54] धूप भरी राहों में बादल [संगीत] से ढलते
[3:10:59] [गाना गाने की आवाज़] हो। यात्रा सुखद ही
[3:11:02] होगी।
[3:11:05] [संगीत] यात्रा सुखद ही होगी। शुभ भाव
[3:11:09] रहता है। [संगीत] भगवन तुम्हारे प्यार का
[3:11:14] एहसास रहता है।
[3:11:18] [संगीत]
[3:11:29] [संगीत]
[3:11:34] मुझे जो दे वो खुशियां लुटाता हूं।
[3:11:38] [गाना गाने की आवाज़]
[3:11:39] तेरा नाम रूप गुण मैं सबको [संगीत]
[3:11:43] बताता [गाना गाने की आवाज़]
[3:11:44] हूं।
[3:11:50] तुमने मुझे [संगीत] जो दी वो खुशियां
[3:11:54] लुटाता हूं। तेरा नाम रूप
[3:11:57] [गाना गाने की आवाज़][संगीत] गुण मैं सबको
[3:11:59] बताता हूं। रोशन हो सबके दिल ये
[3:12:04] [गाना गाने की आवाज़][संगीत]
[3:12:07] रोशन हो सबके दिल भाव रहता है [संगीत]
[3:12:12] भगवन तुम्हारे प्यार का एहसास
[3:12:15] [गाना गाने की आवाज़]
[3:12:16] रहता है
[3:12:20] और एक हम सबके जीवन का मकसद यहां से बाहर
[3:12:24] जाके भी हर कोई को यही [संगीत] संदेश दें
[3:12:32] हर एक मेरे [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[3:12:34] है ये दिल गीत गाता है सब प्रेम से रहे ये
[3:12:40] सरगम सुनाता [संगीत]
[3:12:42] है
[3:12:49] हर एक [संगीत][गाना गाने की आवाज़] मेरे
[3:12:50] है ये दिल गीत गाता है सब प्रेम से रहे
[3:12:56] [संगीत]
[3:12:57] सरगम सुनाता है जन्नत बने जहां ये
[3:13:02] [गाना गाने की आवाज़][संगीत]
[3:13:05] जन्नत बने जहां ये आभास रहता [संगीत] है
[3:13:11] भगवन तुम्हारे [गाना गाने की आवाज़] प्यार
[3:13:13] का एहसास रहता है हर वक्त मेरे
[3:13:18] [गाना गाने की आवाज़] साथ हो विश्वास
[3:13:20] सौगात ले रहे हैं हर वक्त के [संगीत]
[3:13:25] एहसास रहता है भोजन का भी यहां [संगीत] पे
[3:13:30] इंतजार रहता है। भगवन तुम्हारे प्यार
[3:13:35] [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
[3:13:36] का एहसास रहता है।
[3:13:44] थैंक यू आप सब। ये शुभभावना रखना कि चांद
[3:13:48] भाई और मैं
[3:13:50] साथ में हम ऐसे प्रोग्राम्स करते रह। है
[3:13:52] ना? थैंक यू।
[3:13:54] बहुत-बहुत थैंक्स दोनों भाइयों को।
[3:13:58] मेरे राइट साइड से भी भाई बहने आ सकते
[3:14:01] हैं। यहां से भी सौगात प्राप्त करके और
[3:14:03] पीछे से प्रस्थान कर सकेंगे।
[3:14:07] धन्यवाद। [गला साफ़ करने की आवाज़]
[3:14:21] [संगीत]
[3:14:25] तेरी प्यार भरी दृष्टि
[3:14:28] मन को शीतल